मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार अपराधियों और उनके संरक्षणदाताओं पर नकेल कसने के लिए जल्द ही कड़ा कानून बनाएगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी और उनके संरक्षणदाता अपनी आदत सुधार लें। यह बहुत सख्त कानून होगा इसके दायरे में अपराधी के साथ उन्हें संरक्षण देने वाले भी आएंगे।

योगी ने बजट चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों के कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए यह एलान किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जंगलराज के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यह विरासत में मिला है। अराजक लोगों की आदत अचानक नहीं सुधरती है। इनका इलाज हमें मालूम है। जो दूसरे के जीवन हराम करना चाहते हैं, सरकार उनका जीना हराम कर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पलायन करने वाले नहीं हैं। अपराधियों के संरक्षणदाताओं पर नकेल कसने वाला कानून इस सत्र में लाएंगे। वरना, अगला सत्र जल्द बुलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में चेहरे देखकर एफआईआर होती थी। उनकी सरकार ने 100 प्रतिशत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। जो घटनाएं घट रही हैं, उनमें शत-प्रतिशत अपराधी गिरफ्तार हो रहे हैं।
नर पिशाचों को संरक्षण देने वाले उठा रहे कानून-व्यवस्था का सवाल
मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना का जिक्र करते हुए सपा पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने 21 लोगों की मौत कि लिए मुलायम यादव की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए विपक्ष से पूछा कि वे बताएं कि उसके सपा से संबंध थे या नहीं।
योगी ने कहा कि 2013 में भी उसने इस तरह की घटना को अंजाम दिया था। लेकिन उसे राजनीतिक प्राप्त था। उन्होंने कहा कि इन्होंने नर पिशाचों को बचाने का काम किया।
सरकार अब इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मुलायम यादव, पिंटू यादव सहित 14 लोग गिरफ्तार हुए हैं। लोग इसे जाति विशेष के खिलाफ कार्रवाई कह सकते हैं। लेकिन क्या सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रहे?
ज्यादा बोले तो बहुत से लोग ‘एक्सपोज’ हो जाएंगे
मुख्यमंत्री ने सीतापुर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके पीछे कौन लोग थे? तीन व्यापारियों के हत्यारों को कौन बचा रहा था? योगी ने कहा कि अगर वह ज्यादा बोले तो बहुत से लोग एक्सपोज हो जाएंगे। योगी ने रायबरेली की घटना का उल्लेख करते हुए नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी से सवाल किया कि घटना से जुड़े दोनों पक्ष आपकी पार्टी (सपा) के नेता से जुड़े थे या नहीं?
राजनीति से होगा जातिवाद-परिवारवाद का खात्मा
मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा में बजट चर्चा में प्रदेश की बदहाली के लिए पिछले 15 साल के कुशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार के बजट की तरफदारी करने के साथ ही भाजपा के सामाजिक व धार्मिक एजेंडे को भी जमकर धार दिया।
सीएम ने पौने दो घंटे के जवाब में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय का जिक्र किया। कहा, किसानों को लेकर नारे खूब लगते रहे हैं, लेकिन वह कभी राजनीति के केंद्र में नहीं आता है। जाति व परिवार एजेंडा होता था, इससे प्रदेश का विकास रुका।
आजादी के समय प्रति व्यक्ति आय में शीर्ष पर रहने वाला प्रदेश आज सबसे निचले पायदान है। उन्होंने कहा, राजनीति से जातिवाद और परिवारवाद को तिलांजलि देने के लिए जनता ने भाजपा को भेजा है। इसलिए उनकी सरकार ने किसानों को केंद्र में रखकर बजट बनाया है। यह बजट समाज के सभी वर्गों को समर्पित है।
देवा शरीफ में बिजली तो महादेवा में भी जलेगी
सीएम ने पिछली सरकार पर बिजली आपूर्ति में भेदभाव का आरोप लगाया। कहा, अब ऐसा नहीं होगा। देवा शरीफ में बिजली जलेगी तो महादेवा में क्यों नहीं जलेगी?
अब दोनों जगह बिजली जलेगी। यदि संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के जिला मुख्यालय शाहजहांपुर को 24 घंटे बिजली मिलेगी तो रामपुर जिला मुख्यालय (आजम खां का क्षेत्र) पर भी रहेगी।
सपा फिर से आती तो कर्मचारी वेतन न पाते
मुख्यमंत्री ने किसानों की कर्जमाफी पर कहा कि पिछली सरकार ने खजाना खाली छोड़ा था। लोग सवाल कर रहे थे कि यह वादा कैसे पूरा करेंगे? लेकिन, ‘वह पथ क्या पथिक कुशलता क्या, जिस पथ में बिखरे शूल न हों, उस नाविक की धैर्य कुशलता क्या, जब धाराएं प्रतिकूल न हों।’
सरकार ने तय किया कि कर्ज नहीं लेंगे, नागरिकों को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाएंगे। सरकार ने न सिर्फ बजट में 36 हजार करोड़ की कर्जमाफी के रकम का एलान किया बल्कि कर्मचारियों के सातवें वेतन आयोग के अनुसार भुगतान के लिए 30 हजार करोड़ व्यवस्था भी की। योगी ने कहा कि अगर वे (सपा) फिर से सत्ता में आते तो कर्जमाफी दूर, कर्मचारी वेतन तक न पाते।
समाजवादी चाहते हैं सिर्फ स्वयं का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समाजवादियों को शिक्षा का विरोधी माना जाता है। कौशल विकास से इनका मतलब नहीं रहा। उन्होंने कहा कि समाजवादी हमेशा स्वयं का विकास चाहते हैं। देश-प्रदेश के विकास से इनका कोई लेना-देना नहीं है।
मथुरा-वृंदावन तक को नहीं छोड़ा
मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, लोगों की उम्मीद थी कि ये कम से कम मथुरा, वृंदावन व गोवर्धन का तो विकास कर देंगे। मगर इन्होंने इसे भी नहीं छोड़ा। सीएम ने कहा, उनकी सरकार मथुरा-वृंदावन-गोवर्धन समेत सभी धार्मिक नगरों को हवाई सेवा से जोड़ने का काम कर रही है। जेवर में इंटरनेशनल एअरपोर्ट की मंजूरी मिली है। लखनऊ, गोरखपुर व वाराणसी में भी काम शुरू होगा।
लोग गायत्री नाम रखना बंद कर देंगे
योगी ने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि स्वच्छता से आपका कोई रिश्ता ही नहीं। इसलिए आपने गंगा को भी नहीं छोड़ा। गंगा किनारे गांवों को खुले से शौचमुक्त करने में रुचि नहीं दिखाई। ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि लोग गायत्री नाम भी रखना बंद कर देंगे। उन्होंने बताया कि गंगा किनारे के सभी गांवों को शौचमुक्त कर दिया गया है।
अयोध्या का नाम आते ही लग जाता था करंट
योगी ने कहा कि पिछली सरकार में अयोध्या का नाम आते ही करंट लग जाता था। अयोध्या में रामलीला का मंचन ही बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि रावण लीला करने वाले राम लीला क्या करवाते?
बसपा भगवान बुद्ध की बात करती है, लेकिन अपने शासनकाल में बौद्ध स्थलों का विकास नहीं कराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राम, कृष्ण, बुद्ध सर्किट के जरिए धार्मिक क्षेत्रों का विकास करेगी। उन्होंने कहा, कोई कुछ भी आरोप लगाए वह अयोध्या, मथुरा, काशी के साथ नैमिषारण्य, शाकुंभरी देवी, प्रयागराज का विकास करेंगे।
किसान को मिलेगा पुआल का पैसा, आतंकियों की तोड़ेंगे कमर
योगी ने कहा कि सरकार चीनी उद्योग की प्रतिष्ठा फिर से बहाल कराएगी। सरकार सेकेंड जनरेशन के प्लांट लगाने जा रही है। अब किसान को पुआल जलाना नहीं पड़ेगा। उन्हें इसका पैसा मिलेगा। इसी तरह बगास नहीं जलाना पड़ेगा। इससे एथनॉल का उत्पादन कर पेट्रोल व डीजल बनाएंगे।
योगी ने कहा कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड, मध्यांचल व पश्चिम में 1200-1200 करोड़ की लागत से थर्ड जनरेशन के चार प्लांट लगाने की योजना है। इससे ग्रीन डीजल-पेट्रोल पैदा करेंगे और आतंकवाद को फाइनेंस करने वालों की कमर तोड़ डालेंगे। सीएम ने कहा कि बुंदेलखंड का औद्योगिक विकास करेंगे। एक्सप्रेस वे से जोड़ेंगे। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि लखनऊ से बलिया तीन घंटे तक पहुंचा जा सकेगा। अयोध्या, बनारस, गोरखपुर भी एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा।