सिर्फ 10 हजार के अंदर हो जाएगी इन 5 जगहों की ट्रिप, दिल्ली के पास वीकेंड गेटअवे के लिए हैं बेस्ट

अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए लोग अक्सर कहीं घूमने जाना चाहते हैं, लेकिन बजट को लेकर अक्सर चिंता बनी रहती है। ज्यादा पैसे खर्च हो जाएंगे ऐसा सोचकर भी कई लोग कहीं घूमने जाने का प्लान कैंसिल कर देते हैं।
लेकिन दिल्ली के पास स्थित कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां आप सिर्फ 10 हजार के बजट में ट्रिप प्लान सकते हैं। आइए जानें वीकेंड गेटअवे के लिए दिल्ली के पास स्थित 5 जगहों के बारे में।
जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर अपने किलों और महलों के लिए मशहूर है। जयपुर में अच्छे हॉस्टल्स या बजट होटल 1,000 रुपये प्रति रात में मिल जाएंगे। आमेर किला, नाहरगढ़ और हवा महल की एंट्री फीस काफी कम है। 3 दिन की ट्रिप लगभग 8-10 हजार रुपये में आसानी से हो सकती है।
ऋषिकेश
अगर आप गंगा किनारे सुकून या रिवर राफ्टिंग का रोमांच चाहते हैं, तो ऋषिकेश सबसे अच्छा विकल्प है। हां होमस्टे या आश्रमों में रुकने का खर्च लगभग 500-1,200 रुपये प्रति दिन आता है। रिवर राफ्टिंग और कैंपिंग के पैकेज 2,000 से 3,000 रुपये में मिल जाते हैं। पूरी ट्रिप 5,000 से 7,000 रुपये में पूरी हो सकती है।
शिमला
शिमला का मॉल रोड और वहां की ठंडी हवाएं हमेशा से दिल्ली वालों की पहली पसंद रही हैं। मॉल रोड से थोड़ा दूर ठहरने पर आपको 1,200-1,500 रुपये में अच्छे कमरे मिल जाएंगे। कुफरी और जाखू मंदिर की सैर के साथ 2-3 दिन का कुल खर्च 7,000-9,000 रुपये तक आएगा।
मसूरी
पहाड़ों की रानी मसूरी अपने खुशनुमा मौसम और कैम्पटी फॉल्स के लिए जानी जाती है। लाल टिब्बा और मॉल रोड की सैर मुफ्त है। यहां खाने-पीने के काफी सस्ते और अच्छे विकल्प मौजूद हैं। 2 दिन की ट्रिप के लिए 6,000-8,000 रुपये का बजट काफी है।
मनाली
हालांकि, मनाली दिल्ली से थोड़ा दूर है, लेकिन सही प्लानिंग से यह 10 हजार के अंदर संभव है। ओल्ड मनाली में हॉस्टल्स और बजट गेस्ट हाउस 800-1,000 रुपए में मिल जाते हैं। सोलंग वैली और रोहतांग घूमने के लिए लोकल शेयरिंग कैब का इस्तेमाल करें। 3 दिन की ट्रिप 8,000-10,000 रुपये में प्लान की जा सकती है।
बजट बचाने के लिए प्रो-टिप्स
प्राइवेट टैक्सी या कैब के बजाय बस या शेयरिंग ऑटो का इस्तेमाल करें।
अकेले या दोस्तों के साथ जा रहे हैं तो होटलों के बजाय हॉस्टल्स चुनें, जहां बेड ₹500 तक मिल जाते हैं।
लोकल ढाबों और कैफे का खाना न केवल सस्ता होता है, बल्कि वहां का असली स्वाद भी देता है।





