सिर्फ ताजगी ही नहीं, सेहत के लिए मुसीबत भी ला सकता है गन्ने का जूस

एक गिलास ताजगी भरा गन्ने का रस थकान मिटाने के लिए बेहतरीन लगता है। हम अक्सर यह मान लेते हैं कि जो चीज पूरी तरह से नेचुरल है, वह हमारी सेहत के लिए हमेशा सुरक्षित और अच्छी ही होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सच्चाई हमेशा ऐसी नहीं होती?

गन्ने का रस भले ही पीने में बहुत अच्छा लगता हो, लेकिन यह उतना भी फायदेमंद नहीं है जितना दिखाई देता है। न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के मुताबिक, कुछ खास हेल्थ इश्यूज में यह रस फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है (Sugarcane Juice Risks)। आइए जानते हैं उन 5 तरह के लोगों के बारे में, जिन्हें गन्ने के रस से बचना चाहिए या इसका सेवन बहुत ही सीमित मात्रा में करना चाहिए।

डायबिटीज की समस्या में

डायबिटीज के रोगियों के लिए यह रस किसी खतरे से कम नहीं है। जब आप एक गिलास गन्ने का रस पीते हैं, तो असल में आप 40 से 50 ग्राम सीधी चीनी पी रहे होते हैं। इसका ‘ग्लाइसेमिक लोड’ बहुत ज्यादा होता है। हमारा शरीर इस मिठास को तुरंत सोख लेता है, जिससे खून में शुगर का लेवल अचानक रॉकेट की तरह ऊपर जा सकता है।

वेट लॉस जर्नी में
जो लोग मोटापे से परेशान हैं और अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह जूस रुकावट बन सकता है। इसके सिर्फ एक गिलास से आपको 150 से 180 कैलोरी मिल जाती है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि यह पूरी तरह से लिक्विड है और इसमें फाइबर यानी रेशा बिल्कुल नहीं होता। ऐसे में, इसे पीने के बाद आपका पेट भी फुल नहीं होता और आप दिन भर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी इनटेक कर लेते हैं।

फैटी लिवर की समस्या
गन्ने के रस में पाई जाने वाली मिठास शरीर के अंदर जाकर दो हिस्सों में टूट जाती है- ग्लूकोज और करीब 50% फ्रुक्टोज। जब शरीर में इस फ्रुक्टोज की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो हमारा लिवर इसे पचाने के बजाय फैट में बदलकर लिवर के आस-पास ही जमा करने लगता है। इसलिए फैटी लिवर वालों के लिए यह नुकसानदेह है।

किडनी के मरीजों के लिए
किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपने खान-पान में पोटैशियम की मात्रा का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। गन्ने के एक गिलास रस में करीब 250 से 300 मिलीग्राम पोटैशियम भरा होता है। चूंकि, बीमार किडनी इस एक्स्ट्रा पोटेशियम को छानकर शरीर से बाहर निकालने में नाकाम रहती है, इसलिए यह खून में जमा होकर बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है।

कमजोर हाजमे की शिकायत
अगर आपका पेट अक्सर खराब रहता है या आंतें कमजोर हैं, तो गन्ने के रस की भारी मिठास आंतों में एक तरह का दबाव बनाती है। यह आपकी आंतों के अंदर जरूरत से ज्यादा पानी खींचने लगता है, जिसके नतीजे में आपको गैस, पेट फूलना या फिर दस्त की भयंकर शिकायत हो सकती है।

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