सावधान! सुस्सू रोकना ले सकता है आपकी जान…

सुस्सू रोक कर रखते हैं तो मौत है आपकी तलाश में। यूरीन रोकना हो सकता है जानलेवा साबित । यूरीन रोकना हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे खतरनाक चीज होती है, जिससे कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं पैदा होती हैं ।
 
सावधान! सुस्सू रोकना ले सकता है आपकी जान…यूरीन शरीर की सामान्य प्राक्रिया है यूरीन को शरीर में  बहुत अधिक देर तक  रोकने से यूरीन का रंग भी बदलने लगता है ।  इसके अलावा बीट, बेरीज, जामुन, शतवारी जैसे कुछ खाद्य पदार्थ के कारण भी यूरीन का रंग प्रभावित होता है। विटामिन बी यूरीन के रंग को हरे और शलजम लाल रंग में बदल देता है ।
 इसके अलावा यूरीन बार-बार रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और यह यूरीन करने की क्षमता को भी कम करता है।  जितना लंबे समय तक आप यूरीन को रोककर रखेते है,  आपका ब्‍लैडर बैक्‍टीरियों को अधिक विकसित करता है ।
 
जिससे कई प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती है । संक्रमण महिलाओं को होने वाली बीमारी है, इसे यूटीआई कहते हैं । मूत्र मार्ग संक्रमण जीवाणु जन्य संक्रमण है जिसमें मूत्र मार्ग का कोई भी भाग प्रभावित हो सकता है ।
 
हालांकि मूत्र में तरह-तरह के द्रव होते हैं किंतु इसमें जीवाणु नहीं होते । यूटीआई से ग्रसित होने पर मूत्र में जीवाणु भी मौजूद होते हैं । जब मूत्राशय या गुर्दे में जीवाणु प्रवेश कर जाते हैं और बढऩे लगते हैं तो यह स्थिति आती है ।
कमजोर हो जाती हैं ब्लैडर की मांसपेशियां ,दवाब के बाद भी यदि तीन से चार मिनट भी पेशाब को रोका गया तो यूरिन के टॉक्सिक तत्व किडनी में वापस चले जाते हैं, जिसे रिटेंशन ऑफ यूरिन कहते हैं । इसके अलावा यूरीन बार-बार रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और यह यूरीन करने की क्षमता को भी कम करता है ।
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