सात नंबर जर्सी मिली तो टीम की लेडी धोनी कहलाने लगी ये खिलाड़ी

भोपाल.आईसीसी वर्ल्ड कप उप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज नुजहत परवीन ने अमय खुरासिया की यादें ताजा कर दीं। 18 साल पहले अमय खुरासिया उस भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा थे, जिसने इंग्लैंड में 1999 के वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था और कप्तान मोहम्मद अजरुद्दीन मप्र के इस बल्लेबाज को बिना कोई मैच खिलाए वापस लौटा लाए थे। ठीक उसी प्रकार भारतीय महिला टीम की कप्तान मिताली राज ने भी मप्र के सिंगरौली की रहने वाली नुजहत को पूरे समय ड्रेसिंग रूम में बिठाए रखा। क्या है मामला..

-नुजहत ने एक साल के खेल में ही सेंट्रल जोन तक का सफर तय कर लिया कर था।
-नुजहत मप्र की फुटबाल टीम में भी रह चुकी हैं।
-सिंगरौली के जिस मैदान पर फुटबाॅल खेला जाता था, उसके दूसरे छोर पर क्रिकेट की भी प्रैक्टिस होती थी।
-फुटबॉल का अभ्यास खत्म करने के बाद नुजहत क्रिकेट खिलाड़ियों से चर्चा करती थीं।
-इसी दौरान क्रिकेटर्स से उनकी दोस्ती हो गई और वह क्रिकेट खेलने लगीं।
-उन्होंने अपने पहले ही मैच में 40 रनों की पारी खेली, जिससे सभी की नजरों में आ गईं।
-नुजहत ने 18 नवंबर 2016 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 पदार्पण किया। इसके बाद 15 मई 2017 को आयरलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया।
खेलना या नहीं खेलना मायने नहीं रखता, मायने रखती है भारतीय जर्सी
जब आपकी टीम जीत रही होती है तब विनिंग कॉम्बीनेशन नहीं तोड़ा जाता। शायद इसीलिए नुजहत को मौका नहीं मिला। 150 करोड़ के देश में 15 खिलाड़ियों में चुना जाना ही बड़ी उपलब्धि है। मुझे गर्व है नुजहत पर जो आज विश्वकप उप विजेता टीम का हिस्सा है। मैं समाज से कहना चाहूंगा कि बेटियों पर भरोसा करें और उन्हें आगे बढ़ाएं।
जब आपकी टीम जीत रही होती है तब विनिंग कॉम्बीनेशन नहीं तोड़ा जाता। शायद इसीलिए नुजहत को मौका नहीं मिला। 150 करोड़ के देश में 15 खिलाड़ियों में चुना जाना ही बड़ी उपलब्धि है। मुझे गर्व है नुजहत पर जो आज विश्वकप उप विजेता टीम का हिस्सा है। मैं समाज से कहना चाहूंगा कि बेटियों पर भरोसा करें और उन्हें आगे बढ़ाएं।





