सबसे ज्यादा सैलरी बांटने वाली देश की टॉप 10 कंपनियां, अंबानी-अदाणी का दूर-दूर तक नहीं है नाम

भारत में अधिकतर लोग प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं। देश में लाखों की संख्या में कंपनियां है। ये कंपनियां देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इन कंपनियों में करोड़ों लोग काम करते हैं। काम के बदले कंपनियां अपने कर्मचारियों के मेहनताना देती हैं। इस मेहनत को आप और हम सैलरी या फिर तनख्वाह कहते हैं। कंपनी में जितने ज्यादा कर्मचारी होंगे उसे उतनी ज्यादा सैलरी बांटनी होगी। भारत में ऐसी एक से एक बड़ी-बड़ी कंपनियां है जो इम्प्लॉई काउंट और सैलरी बांटने दोने में आगे हैं।
इम्प्लॉई काउंट और सैलरी बांटने में कौन सी कंपनी आगे है? इस सवाल को पढ़ते ही आपके मन में भारत के सबसे अमीर अरबपति मुकेश अंबानी का नाम या फिर दूसरे सबसे अमीर अरबपति गौतम अदाणी का नाम जरूर आया होगा। हालांकि, आपको बता दें कि इन दोनों अरबपति की कंपनियां न तो कर्मचारियों को सैलरी बांटने में आगे हैं और न ही इम्प्लॉई काउंट में आगे हैं।
अब आपको लग रहा होगा कि सबसे ज्यादा सैलरी बांटने वाली टॉप 10 कंपनियों में अगर इन दो अरबपतियों का नाम नहीं है तो किसका नाम है? आइए आपकी इस कन्फ्यूजन को दूर करते हैं और सबसे ज्यादा सैलरी बांटने वाली देश की टॉप 10 कंपनियों के बारे में जानते हैं।
सबसे ज्यादा सैलरी बांटने वाली भारत की टॉप 10 कंपनियां
इस लिस्ट में नंबर वन पर टाटा की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) अपने कर्मचारियों के लिए इम्प्लॉई कॉस्ट के नाम पर ₹145788 करोड़ रुपये खर्च करती है। नंबर दो पर नारायण मूर्ति की इन्फोसिस लिमिटेड है इन्फोसिस अपने कर्मचारियों पर सालाना ₹85950 करोड़ का खर्च करती है।
| सबसे ज्यादा सैलरी बांटने वाली कंपनियां | ||
| रैंक | कंपनी | सैलरी खर्च |
| 1 | टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ लिमिटेड | ₹145788 करोड़ |
| 2 | इन्फोसिस लिमिटेड | ₹85950 करोड़ |
| 3 | भारतीय स्टेट बैंक | ₹70395.7 करोड़ |
| 4 | HCL टेक्नोलॉजीज लिमिटेड | ₹66755 करोड़ |
| 5 | विप्रो लिमिटेड | ₹53347.7 करोड़ |
| 6 | टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड | ₹47767 करोड़ |
| 7 | लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड | ₹46768.68 करोड़ |
| 8 | कोल इंडिया लिमिटेड | ₹46249.13 करोड़ |
| 9 | HDFC बैंक लिमिटेड | ₹34135.75 करोड़ |
| 10 | टेक महिंद्रा लिमिटेड | ₹29623.8 करोड़ |
इस लिस्ट में न तो अंबानी की एक भी कंपनी है और न ही गौतम अदाणी की एक भी कंपनी है।





