संगरूर के सुनाम के गांव में 140 फीट गहरे बोरवेल में गिने दो साल के बच्‍चे को बचाने की काेशिशें जारी…

घर के सामने ही खेतों में खेलते समय नौ ईंच चौड़े 140 फीट गहरे बोरवेल में गिरा दो वर्षीय फतेहवीर सिंह को बचाने की कोशिशें जारी है। सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने बच्‍चे के करीब पाइप के बाहर तक खोदाई कर ली है और अब पाइप को काटकर बच्‍चे को बाहर निकालने की कोशशि की जा रही है एनडीआरएफ की टीम बच्‍चे को बचाने के लिए कोशिशों में वीरवार से जुटी है और यह बचाव ऑपरेशन रात भर चला। शुक्रवार सुबह सेना की टीम ने ऑपरेशन की कमान संभाल ली है।  फतेहवीर 22 घंटे से अधिक समय से बोरवेल की पाइप में फंसा हुआ है। कैमरे की मदद से बच्चे की हरकत पर नजर को रखी जा रही है, लेकिन रात एक बजे के बाद से कोई हरकत दिखाई नहीं दे रही है।

30 फीट बोर के चारों तरफ से मिट्टी हटाई, बराबर 41 ईंच का गड्ढा खोदने का काम जारी

बच्‍चे को बोरवैल में गिरे करीब 22 घंटे का समय हो गया है। वीरवार शाम पांच बजे के बाद से रैसिक्यू आपरेशन में एनडीआरएफ टीम, डेरा सच्चा सौदा शाह सतनाम जी एस वेलफेयर फोर्स की 45 सदस्यीय टीम व पटियाला से बुलाई गई 119 असोल्ट इंजीनियरिंग रेजिमेंट की टीम रैसिक्यू आपरेशन का मोर्चा संभाले हुए है। टीमों को अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। प्रचंड गर्मी के कारण राहत कार्य को आगे बढ़ाने में टीमों के पसीने छूट रहे हैं। रेजिमेंट की टीम की अगुआई अनिल वर्मा कर रहे हैं।

शुक्रवार को डीसी घनश्याम थोरी, एसएसपी डा. संदीप गर्ग, एसडीएम मनजीत कौर, डीएसपी हदीप सिंह सहित पुलिस व सिविल प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचकर पल-पल की खबर ले रहा हैं। डीसी थोरी ने बताया कि करीब 30 फीट से अधिक तक के बोर के चारों तरफ से मिट्टी से हटा दिया गया है। इसके बराबर में एक 41 ईंच चौड़ा गड्ढा खोदा जा रहा है। इसे वहां तक खोदा जाएगा, जहां तक बच्चा अटका हुआ है। बच्चे तक पहुंचने का प्रयास लगातार जारी है। एसएसपी डा. संदीप ने लोगों को संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने परिवार को हौसला रखने की अपील करते हुए बच्चे को जल्द बाहर निकाल लेने का भरोसा दिलाया।

सेना की 119 एसूलेंट इंजीनियरिंग रेजमेंट की टीम ने शुरू किया काम

इससे पहले सुबह राहत कार्य में लगी एनडीआरएफ की टीम ने खोदाई का काम रोक दिया है और ऑपरेशन की कमान सेना ने संभाल ली थी। पटियाला से पहुंची सेना की 119 एसूलेंट इंजीनियरिंग रेजमेंट की टीम ने मौके पर पहुंचकर खोदई का काम शुरू किया। अब तक खोदाई हो चुकी जगह पर से बोरवेल को काटा जाएगा। सेना की टीम अलग-अलग पार्टस में पाइप लाइन को काटते हुए आगे काम बढ़ाएगी। अनिल वर्मा की अगुवाई में उक्त रेजीमेंट की टीम कार्य करने में जुट गई है।

उधर, परिवार फतेहवीर की सलामती की दुआ कर रहा है, जबकि पल-पल बीतने के साथ ही फतेहवीर की जिंदगी की डोर कमजोर होती दिखाई दे रहे है। पाइप की मदद से बच्चे तक आक्सीजन पहुंचाई जा रही है। वीरवार सात बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जिसने तुरंत ही राहत कार्य आरंभ कर दिया था। साथ ही डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर टीम की 45 सदस्यीय टीम भी रात को मौके पर पहुंची व 26 सदस्यीय एनडीआरएफ की टीम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारी रात भर मौके पर जमा रहे।

रात भर चला रैसिक्यू, 15 घंटे से बोरवेल के पाइप में फतेहवीर

बता दें कि सुनाम के नजदीकी गांव भगवानपुरा में वीरवार शाम 4.30 बजे एक दो वर्षीय बच्चा खेत में बने नौ ईंच चौड़े और 140 फुट गहरे लोहे के बोरवेल में गिर गया। यह घटना उस समय हुई जब फतेहवीर सिंह अपने घर के सामने ही खेत में खेल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस व प्रशासनिक अमले के साथ एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य में जुट गई है।

बोरवेल में बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए उस तक ऑक्सीजन सप्लाई पहुंचाई जा रही है तथा बच्चे तक पहुंच बनाने के लिए बोरवेल के साथ तीन जेसीबी मशीनों व दर्जन भर ट्रैक्टरों की मदद से गड्ढा खोदा जा रहा है। मौके पर डीसी घनश्याम थोरी, एसडीएम मनजीत कौर, डीएसपी हरदीप सिंह रैस्क्यू पर नजर रखे हुए हैं। मौके पर शिअद विधायक परमिंदर सिंह ढींडसा, आप विधायक हरपाल चीमा भी पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। परिवार में शादी के सात साल बाद पैदा हुए फतोहवीर का 10 जून को तीसरा बर्थडे था।

ऐसे गिरा बच्चा बोरवेल में

फतेहवीर के परिजन खेतों में काम कर रहे थे और वह खेल रहा था। खेलते-खेलते खेत के बीच दस वर्ष पुराने बोरवेल जिसे परिवार वालों ने प्लास्टिक की बोरी से ढका हुआ था के पास जा पहुंचा। अचानक बच्चे का पांव बोर पर आ गया और बोर पर लगी बोरी कमजोर होने के कारण बच्चा सीधा बोल में नीचे चला गया। जब तक बच्चे के परिजन उसे बचाने के लिए भागे व गहराई तक जा चुका था।

———-

140 फीट गहरा बोर, 120 फीट पर अटका है बच्चा

बचाव कार्य में बठिंडा से आई एनडीआरएफ की 26 सदस्यों की टीम जुटी हुई है। टीम ने बोरवेल में कैमरा डाला तो यह एक सौ फीस फुट पर अटक गया। जब कैमरे से फोटो लिए गए तो बच्चे के हाथ हिलते हुए नजर आए। एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि बोरवेल 140 फीट गहरा है जबकि एक सौ बीस फुट पर बच्चा अटका हुआ है।

————-

बोरवेल में इस साल घटी चर्चित घटनाएं

– 21 फरवरी, 2019 : महाराष्ट्र के पुणे में 200 फुट गहरे बोरबेल के बीच 10 फुट की गहराई में फंसे 6 साल के बच्चे को 13 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद एनडीआरएफ ने सकुशल बाहर निकाल लिया।

– 21 मार्च, 2019 : हिसार के गांव बलसामंद में बोरबेल में 60 फीट नीचे गिरे डेढ़ साल के बच्चे नदीम को 47 घंटे बाद सुरक्षित निकाला।

– 13 अप्रैल, 2019 : मथुरा जिले के अगरयाला गांव में पांच साल के बच्चे को 100 फुट गहरे बोरबेल से एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला गया।

Back to top button