संगठित अपराध रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में यूपीकोका की तैयारी


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सूत्रों के अनुसार जल्द ही इसका ड्राफ्ट तैयार कर कैबिनेट में लाया जाएगा। हालांकि प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि यह फिलहाल शुरुआती दौर में है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में संगठित अपराध को रोकने के लिए पहले ही मकोका जैसे कानून की वकालत कर चुके हैं।
लिहाजा अधिकारियों ने उनकी मंशा के अनुरूप यूपीकोका का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। सूत्रों का दावा है कि अगले विधानसभा सत्र से पहले इसकी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।
डीजी अभियोजन रहे डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला का कहना है कि पहले भी यूपीकोका लागू करने की कवायद हो चुकी है।
वर्ष 2008 में विधानसभा व विधानपरिषद से पास होने के बावजूद यूपीकोका प्रदेश में लागू नहीं हो सका था, क्योंकि तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने यूपी सरकार के इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था।
तब केंद्र में यूपीए और यूपी में बसपा की सरकार थी। जानकारों का कहना है कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। केंद्र व प्रदेश दोनों में भाजपा की सरकार है।
ऐसे में यूपी सरकार अगर इस तरह का कानून बनाती है तो उसे लागू करने में अधिक दिक्कत नहीं आएगी।





