शोध : आख़िर क्यों पीरियड्स के दर्द में भी महिलाएं नहीं लेती अवकाश

महिलाओं को होने वाले मासिक धर्म के समय तकलीफ की समस्या तो होती ही है. हर महिला को इससे गुज़रना पड़ता है. ऐसे में कामकाजी महिलाओं के लिए थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन वो फिर भी हार नहीं मानती. ऑफिस जाने वाली महिलाएं पीरियड्स के दर्द के साथ भी ऑफिस जाती हैं यानि उस समय छुट्टी भी नहीं लेती. कुछ महिलाएं को ये समस्या इतनी ज्यादा हो जाती है कि उनके लिए बिस्तर से उठना भी मुश्किल हो जाता है.

इस समस्या पर किए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि पीरियड्स के दर्द की वजह से उन्हें साल में लगभग 9 प्रोडक्टिव दिन गंवाने पड़ते हैं. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध में 32748 महिलाओं को शामिल किया गया था और उनसे मासिक चक्र से जुड़े सवाल पूछे गए. इन सवालों में ये सारे सवाल कि पीरियड्स कितने दिन चलते हैं, गंभीर लक्षण क्या है, क्या इसकी वजह से उन्होंने ऑफिस से छुट्टी ली हैं.
इस पर महिलाओं के तरह तरह के जवाब सामने आये हैं. इसमें सभी महिलाओं ने माना कि अपनी खराब स्थिति की वजह से भी उन्होंने कभी ऑफिस से छुट्टी नहीं ली. वहीं इन 26438 महिलाओं ने कहा कि तबियत खराब होने के बाद भी वे ऑफिस जाती हैं. लेकिन हैरानी की बात ये है कि पीरियड्स की तकलीफ में भी ऑफिस गई महिलाओं के काम की क्वालिटी में गिरावट दर्ज की गई है.
काम से जुड़ी ये गिरावट लगभग 33 प्रतिशत दर्ज की गई जो कि औसतन 9 दिन की कमी के बराबर है. पीरियड्स में तकलीफ की वजह से केवल तीन प्रतिशत महिलाएं ऑफिस से छुट्टी लेती हैं. जिसमें से ज्यादातर 21 साल या उससे कम उम्र की लड़कियां थी.





