शहीद की मां ने कहा- बेटे की तरह अपने पोते को भी सेना में ही भेजूंगी

बटाला/फतेहगढ़ चूड़ियां.शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वाले का बाकी यही निशां होगा… मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के काजीकुंड में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद होने वाले बटाला के गांव राए चक्क के पलविंदर सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गांव में सैन्य सम्मान के साथ हुआ।
तिरंगे में लिपटी शहीद पलविंदर सिंह के पार्थीव शरीर को जब सुबह गांव राए चक्क लाया गया तो गांव में गम का सन्नाटा पसरा हुआ था। शहीद के पिता संतोख सिंह और माता सुरजीत कौर ने कहा कि उनको अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। मां सुरजीत कौर ने कहा कि वह अपने पोते को भी बेटे की तरह सेना में भर्ती कराएंगी। शहीद की पत्नी पलविंदर कौर ने कहा कि उन्हें पति की शहादत पर नाज है। शहीद की चिता को मुखाग्नि पिता संतोख सिंह और चार वर्षीय बेटा सहजदीप सिंह ने दी। इस दौरान बेटी सिमरनदीप कौर और शहीद के भाई दविंदर सिंह भी उपस्थित थे। अंतिम संस्कार के समय भारतीय फौज के जवानों ने हथियार उल्टे कर अपने साथी को सलामी भेंट की।
पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करें : कुंवर
‘इस जांबाज सैनिक की शहादत का मोल कोई भी सरकार चुका नहीं सकती।’ यह बात शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कही। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग की। साथ ही शहीद की याद में गांव में एक यादगारी गेट का निर्माण करवाने व सरकारी स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखने की अपील की।
13 दिनों में बटाला का दूसरा सैनिक शहीद
13 दिनों में बटाला का दूसरा सैनिक कश्मीर में शहीद हुआ है। चार दिसंबर को जब पलविंदर सिंह अपने साथियों के साथ हाइवे पर वाहन में गश्त कर रहा था तो आतंकियों ने वाहन पर हमला किया। फायरिंग के बाद आतंकी एक मकान में छिप गए। उस समय पलविंदर सिंह सबसे आगे उस मकान की तरफ गया। बहादुरी का परिचय देते हुए उसने आतंकियों के मकान की लोकेशन का पता लगाया। यहां पर आतंकियों की गोली का शिकार हुआ। गोली लगने के बाद उसे अस्पताल में ले जाया गया। यहां पर डाक्टरों ने उसे शहीद घोषित कर दिया। कश्मीर में सेना के प्रवक्ता राजेश कालिया ने बताया कि पलविंदर सिंह बहादुरी से आगे बढ़ा था। गाड़ी पर फायरिंग के बाद बाकी जवान पोजीशन संभालने में लगे लेकिन पलविंदर आतंकियों का पीछा करता हुआ उस मकान तक पहुंच गया जहां आतंकी छिपे थे। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर गया। इससे पहले 22 नवंबर को बटाला के गांव चाहल कलां के जवान मंदीप सिंह कश्मीर में शहीद हो गए थे। इस शहादत को अभी 13 दिन ही हुए हैं।
लोगों ने नम आंखों से दी विदाई, पिता, भाई व बेटे ने दी मुखाग्नि
गांव राए चक्क में अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से अपने नायक को अंतिम विदाई दी और भारत माता की जय व शहीद पलविंदर सिंह अमर रहे के नारे लगाए। इस मौके सेना के अफसर शहीद के पिता और मां को तिरंगा पकड़ाया और अन्य सैनिक साथियों ने हथियार उल्टे कर अपने साथी को सलामी भेंट की। शहीद की चिता को मुखाग्नि पिता संतोख सिंह, भाई दविंदर सिंह और बेटे सहजदीप सिंह ने दी। इस मौके पर कई राजनीतिक व सामाजिक नेता भी मौजूद रहे।
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परिवार की हर संभव सहायता होगी : बाजवा
अतिंम संस्कार में उपस्थित मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार ऐसी दुखद घड़ी में शहीद के परिवार के साथ है। शहीद पलविंदर सिंह की शहादत पर पूरे देश को गर्व है। पंजाब सकार शहीद के परिवार की हर तरह से सहायता करेगी और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इस मौके एसएसपी उपिन्द्रजीत सिंह घुम्मण, एसडीएम रोहित गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर सैनिक भलाई कर्नल सतबीर वड़ैच भी मौजूद थे।





