वाराणसी और लखनऊ समेत 45 जिले अभी भी ओडीएफ घोषित नहीं: भूपेन्द्र चौधरी

लखनऊ ब्यूरो । भारत स्वच्छ अभियान के प्रणेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के पैंतालिस जिले अभी भी खुले में शौचमुक्त, ओडीएफ, घोषित नहीं किये जा सके हैं।
पंचायती राज्य मंत्री स्वतन्त्र प्रभार भूपेन्द्र चौधरी ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों को बताया कि वाराणसी और लखनऊ समेत 45 जिले अभी भी ओडीएफ घोषित नहीं किये जा सके हैं। हालांकि उन्होंने दावा किया कि तीन महीने के अन्दर राज्य के सभी 75 जिलों को ओडीएफ घोषित कर दिया जायेगा। चौधरी के अनुसार कन्नौज और इटावा समेत 30 जिले ओडीएफ घोषित किये जा चुके हैं।
चौधरी ने कहा कि मार्च 2017 तक 29 लाख 35 हजार शौचालयों का निर्माण कराया गया था लेकिन भाजपा सरकार ने इसे जनान्दोलन के रूप में अपनाकर करीब एक करोड़ 41 लाख शौचालयों का निर्माण करा दिया गया। उन्होंने बताया कि चार अक्टूबर 2018 तक करीब 98 प्रतिशत शौचालयों का निर्माण करा दिया गया।
एक सवाल के जवाब में उन्होेंने बताया कि ओडीएफ की वजह से संक्रामक रोगों में कमी आयी है।अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा कराये गये सर्वेक्षणों में भी इसकी पुष्टि हुई है। कुछ संक्रामक रोगों में मरीजों की संख्या 2016 की अपेक्षा 2018 में आधी हो गयी है। यही नहीं, यूनीसेफ के सर्वेक्षण के अनुसार बीमारियों में आयी कमी के कारण औसतन 40 से 60 हजार रुपये वार्षिक की बचत हो रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इस दिशा में बेहतर काम करने के लिये संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एन्टोनियो गुटैरस और 60 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर को राज्य को सर्वश्रेष्ठ जनसहभागीदारी और फीडबैक के लिये सम्मानित किया।

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