वर्ल्ड कप 2027 खेलने के लिए भारत ने बनाया अपना पूरा प्लान, जसप्रीत बुमराह को लेकर खास तैयारी

टी-20 विश्व कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के विरुद्ध भारतीय टीम की जीत में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भूमिका बेहद अहम रही थी। उन्होंने अपने सटीक और घातक गेंदबाजी से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा, जिसके चलते विपक्षी टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। बुमराह के इस प्रभावशाली प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में वह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक हैं।
अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उनके कार्यभार यानी वर्कलोड को लेकर विशेष रणनीति बनाने में जुटा हुआ है, ताकि आने वाले वर्षों में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों बरकरार रह सकें। सूत्रों के अनुसार, भारतीय तेज आक्रमण की अगुवाई करने वाले बुमराह अगले लगभग डेढ़ साल में टी-20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज की तुलना में ज्यादा वनडे मुकाबले खेल सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए उनकी तैयारियों को सही दिशा में बनाए रखना है। इसी कारण अक्टूबर-नवंबर 2027 तक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता दी जा सकती है।
जसप्रीत बुमराह का ध्यान वनडे पर
इस दौरान द्विपक्षीय सीरीज का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। इसी अवधि में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भी क्रिकेट टी-20 प्रारूप में खेला जाएगा। माना जा रहा है कि इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव कर सकते हैं। वहीं, जानकारी यह भी सामने आई है कि बुमराह समेत कई वरिष्ठ भारतीय खिलाड़ी 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलिंपिक में खेलने के इच्छुक हैं, जहां क्रिकेट को टी-20 प्रारूप में शामिल किया जाएगा। इसके बावजूद 2027 वनडे विश्व कप तक सीमित ओवरों के क्रिकेट में बुमराह का मुख्य ध्यान वनडे प्रारूप पर ही रहेगा।
आईपीएल के बाद वनडे विश्व कप की तैयारियां होंगी तेज
भारतीय टीम की 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दो महीने लंबे और व्यस्त सत्र के बाद तेज होने की संभावना है। आईपीएल में बुमराह मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करते नजर आएंगे। टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय चयन समिति, वीवीएस लक्ष्मण की अगुआई वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और टीम प्रबंधन मिलकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बुमराह के कार्यभार का संतुलित प्रबंधन होगा, ताकि उन्हें जरूरत के मुताबिक आराम और खेल दोनों मिल सके।
डब्ल्यूटीसी के मुकाबले बुमराह के लिए अहम
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के मुकाबले बुमराह के लिए बेहद अहम हैं। इन मैचों में उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है। उनके कार्यभार प्रबंधन की रणनीति 2023-2026 के दौर जैसी हो सकती है, जब उन्होंने एक भी वनडे मैच नहीं खेला था। 19 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेले गए वनडे विश्व कप फाइनल के बाद से बुमराह अब तक कुल 42 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं, जिनमें 21 टेस्ट और 21 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले शामिल हैं।
किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता
बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि बुमराह की फिटनेस भारतीय टीम के किसी भी बड़े वैश्विक अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए टीम प्रबंधन को विभिन्न प्रारूपों को ध्यान में रखते हुए सावधानी से योजना बनानी होगी। टेस्ट क्रिकेट में उनका खेलना लगभग तय है, जबकि 50 ओवर के विश्व कप चक्र में उनका ध्यान ज्यादा वनडे मुकाबलों पर रहेगा। सूत्र ने यह भी कहा कि इस दौरान करीब 30 से 35 मैच हो सकते हैं और ऐसे में किसी तरह का जोखिम लेना ठीक नहीं होगा।
वनडे क्रिकेट में भारत के तेज गेंदबाजों का विकल्प बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्य तेज आक्रमण में बुमराह के साथ मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा शामिल हो सकते हैं। यह समूह आने वाले समय में भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाल सकता है।
टी-20 विश्व कप में की घातक गेंदबाजी
टी-20 विश्व कप में बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी उपयोगिता साबित की थी। उन्होंने आठ मैचों में 6.21 की किफायती इकोनामी रेट से कुल 14 विकेट हासिल किए थे। इस दौरान वह भारत के वरुण चक्रवर्ती के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। वरुण चक्रवर्ती ने नौ मैचों में 9.25 की इकोनामी से 14 विकेट चटकाए थे। इन दोनों गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन ने भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी।





