वरदान साबित हो रहा सोने में निवेश, दिवाली तक उछाल की उम्मीदें

जुबिली न्यूज़ डेस्क
नई दिल्ली। सोना संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि उतार- चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। विश्व स्वर्ण परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, चालू साल की दूसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने की हाजिर मांग सालाना आधार पर 11 प्रतिशत घटकर 1,015.7 टन रही है।
ये भी पढ़े: ममता बनर्जी से अब क्यों नाराज हुए गर्वनर ?
ये भी पढ़े: डॉक्टर कफील की फिर मुश्किलें बढ़ी… पत्नी ने उठाए ये सवाल

ये भी पढ़े: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेहत में आया सुधार
ये भी पढ़े: PM के ऐलान के बाद सीमा सुरक्षा में NCC का होगा विस्तार, रक्षा मंत्री ने दी मंजूरी
पहली छमाही में सोने की हाजिर मांग छह प्रतिशत घटकर 2,076 टन पर आ गई लेकिन कोविड-19 की वजह से पहली छमाही में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड 734 टन का निवेश हुआ है, जिसकी वजह से सोना चढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पहली छमाही में डॉलर मूल्य में सोना 17 प्रतिशत चढ़ चुका है।
निवेश के लिए सोना सबसे बेहतर विकल्प
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन बच्छराज बमाल्वा के अनुसार वैश्विक अनिश्चितता की वजह से सोना चढ़ रहा है। हालांकि सोने की भौतिक मांग कम है, इसके बावजूद ‘जोखिम’ के बीच निवेशकों को अपनी बचत तथा निवेश के लिए पीली धातु में सबसे बेहतर विकल्प दिख रहा है।
बमाल्वा की माने तो रूस ने कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा किया है लेकिन अभी इसको लेकर दुनिया बहुत निश्चिंत नहीं हैं। वह मानते हैं कि वैक्सीन को लेकर जैसे- जैसे सकारात्मक खबरें आएंगी, अन्य परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ेगा ओर सोना स्थिर होगा।
दिवाली तक आएगा इतना उछाल
दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम से कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वो कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।
जिंस विश्लेषक एवं आजाद फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख अमित आजाद मानते हैं कि सोने में इस समय तेजी की वजह ‘हेजिंग’ है। उनके मुताबिक अमेरिका-चीन के बीच जो तनाव है वह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव तक रहेगा। उसके बाद चीजें स्थिर होंगी।
ये भी पढ़े: योगी सरकार को आप पर क्यों लगाना पड़ा ताला
ये भी पढ़े: भाजपा से जुड़े ग्रुप और व्यक्तियों पर क्यों मेहरबान है फेसबुक ?

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya
Back to top button