लोक इंसाफ पार्टी के विधायक के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में केस किया दर्ज…

पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद जांच के लिए पहुंचे डीसी विपुल उज्ज्वल के काम में रुकावट डालने, अभद्र भाषा का प्रयोग कर उन्हें धमकाने के आरोप में लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विधायक की गिरफ्तारी के लिए डीएसपी बटाला (सिटी) डॉ. बालकृष्ण सिंगला की अगुआई में टीमों को गठन किया गया है। बैंस की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है। एसडीएम बटाला बलबीर राज सिंह की शिकायत पर थाना सिटी बटाला में शनिवार देर रात केस दर्ज किया गया।
कैप्टन बोले- मैंने कहा था केस दर्ज करने के लिए
सिमरजीत बैंस के खिलाफ दर्ज मामले पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह केस उनके कहनेे पर ही दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी अधिकारी की केबिन में घुसकर दुर्व्यवहार करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। मोहाली में पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि उन्होंने अफसरों को भी कहा है कि आम जनता व चुने हुए प्रतिनिधियों को सम्मान दें, लेकिन उन्होंने इस घटना की वीडियो देखी है इसके बाद ही मैंने पुलिस को केस दर्ज करने को कहा।
ये है मामला
डीएसपी सिटी बालकृष्ण सिंगला ने बताया कि वीरवार को डीसी गुरदासपुर विपुल उज्ज्वल जांच लिए एसएमओ दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान विधायक सिमरजीत सिंह बैंस बिना अनुमति समर्थकों के साथ दफ्तर में घुस आए। डीसी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस मौके पर एसएसपी उपेंद्रजीत सिंह घुम्मन व एसडीएम बलबीर राज सिंह भी मौजूद थे।
एसएसपी ने उन्हें मर्यादा में रहकर बात करने की हिदायत भी दी थी। इस बातचीत की बैंस के समर्थकों ने वीडियो बना ली और उसे सोशल मीडिया में अपलोड कर दिया। पंजाब सरकार व डीजीपी की चंडीगढ़ में हुई बैठक में बैंस के खिलाफ केस दर्ज करने का फैसला हुआ। शनिवार रात को डीजीपी दफ्तर चंडीगढ़ से आए आदेश पर केस दर्ज किया गया।
इसलिए हुई थी विधायक और डीसी में नोकझोंक
ब्लास्ट के अगले दिन पांच सितंबर की शाम को विधायक सिमरजीत सिंह बैंस समर्थकों के साथ सिविल अस्पताल बटाला पहुंचे थे। शव की पहचान करने पहुंचे एक परिवार के साथ डॉक्टर सही तरह से पेश नहीं आ रहे थे। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर अज्ञात का शव ले जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस दौरान विधायक बैंस एसएमओ के दफ्तर में बैठे डीसी विपुल उज्ज्वल से उलझ गए। दैनिक जागरण ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
ये धाराएं लगाई
- IPC186 : लोक सेवक की ड्यूटी में बाधा डालना (तीन महीने की सजा, 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान)
- IPC353 : सरकारी काम में रुकावट (क्रिमिनल ऑफेंस) (दो साल की सजा का प्रावधान)
- IPC451 : बिना अनुमति दफ्तर में घुसना (दो साल की सजा का प्रावधान)
- IPC177 : गलत जानकारी देकर लोगों को भड़काना (छह माह की सजा, 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान)
- IPC505 : अफवाह फैलाना (तीन साल सजा का प्रावधान)
- IPC506 : धमकी देना (दो साल की सजा का प्रावधान)
तू नहीं बोलदा डीसी, ऐ तेरा सीएम बोलदा: बैंस
जांच में बाधा डालने और डीसी से अभद्र भाषा में बात कर धमकाने के आरोप में केस दर्ज होने के बाद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा, ‘डीसी एह तू नहीं बोलदा, ऐ तेरा सीएम बोलदा है।’ विधायक बैंस ने अपने बयान की सोशल मीडिया में शेयर की है। उन्होंने कहा कि बदले भी भावना से उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ सिटी सेंटर घोटाला की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ उन्होंने अदालत में दरवाजा खटखटाया है। उसकी सुनवाई 19 सितंबर को होने वाली है।
हादसे में मारे व्यक्ति के शव को लेकर प्रशासन ने उसके परिजनों के साथ बदसुलूकी की थी। उन्होंने परिवार का साथ दिया था। डीसी पीडि़त परिवार के साथ उलझा था इसलिए उन्होंने कहा कि ‘यह तेरे बाप की जागीर नहीं है।विधायक बैंस ने कहा मुझे कानून पर पूरा विश्वास है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस दिन यह सब हुआ पुलिस ने उस दिन क्यों पर्चा दर्ज नहीं किया। तीन दिन बाद ऐसी धाराएं जोड़ी जिससे लगे कि वे अपराधी हैं।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चार पर्चे दर्ज हो चुके हैं। शिअद-भाजपा गठबंधन ने भी झूठे पर्चे दर्ज करवाए थे। अदालत पांच मामलों में उन्हें बरी कर चुकी है। बैंस ने कहा कि वे किसी FIR से नहीं डरते। ये सरकारें उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती हैं। हादसे को लेकर प्रशासन ने उनकी और लोगों की आवाज को दबाया है। लोगों के साथ कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा। पर्चा दर्ज होने का अंदेशा उन्हें पहले से था। आगे क्या करना है पार्टी पदाधिकारी बैठक कर रणनीति बनाएंगे।
FIR से नहीं डरता: बैंस
वहीं, सिमरजीत सिंह बैंस का कहना है, मैं किसी FIR से नहीं डरता। लुधियाना में बैठा हूं, बटाला पुलिस मुझे पकड़ ले। ये सरकारें मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती हैं। मैंने लोगों की आवाज उठाई है।
बैंस के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
- जून 2009: विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने अपने समर्थकों के साथ मिल कर तहसीलदार गुरजिंदर सिंह बेनीपाल के साथ मारपीट की। मामला दर्ज किया था।
- मई 2015: अवैध माइनिंग एवं रेत माफिया के खिलाफ बैंस ने सत्याग्रह किया और रोपड़ पहुंच कर माफिया के खिलाफ हल्ला बोला। पुलिस ने उनको रोपड़ में गिरफ्तार किया और मामला दर्ज किया।
- मई 2016: सिमरजीत बैंस ने अपने समर्थकों के साथ केबल माफिया के खिलाफ संघर्ष किया। लुधियाना के फिरोजपुर रोड पर केबल कंपनी के दफ्तर का घेराव किया और पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया।
- अप्रैल 2018: सिमरजीत बैंस ने अपने समर्थकों के साथ पासपोर्ट सेवा केंद्र में जबरदस्ती घुसे एवं हंगामा किया। इस संबंध में भी उनके खिलाफ मामला दर्ज है।
- सिमरजीत सिंह बैंस की पहले कंवलजीत सिंह कड़वल के साथ काफी दोस्ती थी, लेकिन बाद में उनका कड़वल के साथ विवाद हो गया। कड़वल ने बैंस का साथ छोड़ दिया और बाद में कड़वल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया।





