‘लैंड पूलिंग पॉलिसी’ को मिली मंजूरी, निर्माण सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने आवास विकास परिषद व विकास प्राधिकरणों में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर लैंड पूलिंग स्कीम के क्रियान्वयन के लिए नीति को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत भू-स्वामी को उसके द्वारा पूल की गई जमीन का न्यूनतम 25 प्रतिशत अंश विकसित भूखंडों के रूप में नि:शुल्क आवंटित किया जाएगा। इसके लिए उन्हे कोई विकास शुल्क नहीं देना होगा।
सूत्रों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लैंड पूलिंग स्कीम, न्यूनतम 25 एकड़ पर बनाई जाएगी। यह महायोजना, जोनल डवलपमेंट प्लान में प्रस्तावित न्यूनतम 18 मीटर चौड़े मार्ग पर होनी चाहिए। इस स्कीम नीति जारी होने की तिथि से तीन वर्ष के लिए लागू होगी। इससे निर्माण सेक्टर में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
लैंड पूलिंग स्कीम के अंतर्गत विभिन्न स्वामित्व वाली जमीन की खरीद या अधिग्रहण किए बिना एकीकृत रूप से अवस्थापना विकास व जमीन की प्लाटिंग (उप-विभाजन) कर सुनियोजित विकास कर सकेगा। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि सुनियोजित शहरी विकास में यह नीति क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इससके अतंर्गत आवास विकास परिषद व प्राधिकरण भू-स्वामियों से संवाद कर उनकी सहमति व स्वेच्छा से जमीन का विकास कर सकेंगे।





