लगातार बारिश से कोलार डैम के पहली बार खोले गए दो गेट

भोपाल-सीहोर में भारी बारिश से कोलार डैम का जलस्तर 462.18 मीटर पहुंच गया। सुरक्षा हेतु पहली बार दो गेट खोले गए, जिससे नदी का बहाव तेज हो गया। प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। टीमें 24 घंटे हालात पर नजर रखे हुए हैं।
सीहोर के अलावा राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कोलार डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। डैम की क्षमता 462.20 मीटर है और जब पानी का स्तर 462.18 मीटर तक पहुंचा तो सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने गेट नंबर 4 और 5 को 50-50 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक खोलने का निर्णय लिया। इस सीजन में पहली बार गेट खोले गए हैं, जिससे कोलार नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है।
इधर, प्रशासन ने तुरंत निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। साथ ही, प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति नदी, नहर या बहाव क्षेत्र के पास न जाए और न ही किसी प्रकार की गतिविधि करे। यह एहतियाती कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों की टीम 24 घंटे डैम के जलस्तर पर नजर रखे हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मौसम विभाग की चेतावनी
आरएके कॉलेज मौसम विभाग के वैज्ञानिक एसएस तोमर ने बताया कि आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ सकती है। यदि पानी की आवक जारी रही तो डैम के और गेट भी खोले जा सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि डैम के गेट खोलने से भोपाल की पेयजल आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कदम जल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत उठाया गया है।
इनका कहना
कलेक्टर बालागुरु के. ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे कोलार नदी, कोलार नहर तथा डैम के प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं। प्रशासन की टीमें चौबीसों घंटे हालात पर नज़र रखे हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस कठिन परिस्थिति में नागरिकों से सहयोग और धैर्य की अपेक्षा की जा रही है ताकि हर किसी की सुरक्षा निश्चित की जा सके।





