लखनऊ : जिला न्‍यायालय क्षेत्र में पैर पसारता जा रहा कोरोना, कंटेनमेंट जोन घोषित करने की मांग

लखनऊ। जनपद न्यायालय में कोरोना महामारी दिन प्रतिदिन पैरपसारती जा रही है तथा बराबर घटनाएं होता देख दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने जनपद न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी को पत्र लिखकर न्यायालय क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करने की मांग की है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार यादव एवं सचिव रंजन श्रीवास्तव ने कहा है कि माननीय उच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों हेतु कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय में न तो नियमित सैनिटाइजेशन हो रहा है और न ही मुख्य द्वारों पर भीड़ को रोकने के लिए कोई कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।

अपने पत्र में इन दोनों पदाधिकारियों ने न्यायालय परिसर की बदहाली की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि अब तक 1 दर्जन से अधिक कर्मचारी एवं अधिवक्ता कोरोनावायरस की चपेट में आ चुके हैं तथा 2 दिन पूर्व पेशकर चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव की मृत्यु हो गई है। पत्र में कहा गया है कि माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जहां पर इस प्रकार की घटनाएं पाई जाए उसे कंटेनमेंट जोन घोषित कर न्यायालय को तत्काल बंद कर देना चाहिए।

इस विषम स्थिति में काम करने वाले कर्मचारियों को किसी अप्रिय घटना के होने पर उन्हें 1 करोड़ रुपए की धनराशि सहायता के रूप में दिए जाने की मांग की है। कर्मचारियों की मांग के पूर्व सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से भी महासचिव संजीव पांडे ने जनपद न्यायाधीश लखनऊ को पत्र लिखकर तत्काल न्यायालयों को बंद किए जाने का अनुरोध किया था।

अपने पत्र में बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि स्थिति भयावह होती जा रही है तथा कई वकीलों की मृत्यु हो चुकी है एवं दर्जनों अधिवक्ता करो ना संक्रमित हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा था कि न तो न्यायालय परिसर की सफाई हो रही है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं जिसके कारण महावारी पर काबू पाना संभव नहीं हो पा रहा है।

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