लखनऊ- आई आई एम तिराहे के पास निजी कॉलेज की बदसलूकी बिना नोटिस किया कई टीचर को निष्कासित

एक निजी विद्यालय जहां लॉकडाउन के चलते काफी टीचर पर गिरी गाज ,विद्यालय के कार्य दोबारा शुरू होने के पश्चात सभी टीचर अपनी दिनचर्या को याद में रखते हुए जैसे ही कदम रखा वहां के सिक्योरिटी गार्ड के द्वारा उन्हें एक नोटिस से रूबरू कराया गया जिसमें उनको अंदर न जाने की बात कही जब ये कारण पता किया तो वहां मौजूद टीचर के पैरो के नीचे से जमीन खिसक गई सूत्रों से पता चला कि उनको नौकरी से निकाल दिया है.


बिना किसी वैध कारण के और काफी मिन्नत करने के बाद भी प्रशासन नहीं पिघला और मात्र 5000 रुपए सैलरी के तौर पर देकर जाने को कहा, वहां के बच्चो की मांग हैै कि हमको वही टीचर चाहिए दोबारा उनका विरोध याथाकथित संभव है विश्वविद्यालय के छात्र मनीष बताते हैं कि जब हमारे द्वारा फीेस न जमा करने पर हमको किसी भी एग्जाम में बैठने की अनुमति नहीं मिलती तो टीचर को सैलरी देने में आनाकानी क्यों? इकलौते मनीष के द्वारा इस विश्ववि्यालय में हो रहे अत्याचार टीचर पर इसका विरोध किया जा रहा है अगर छात्र। मिलकर एकजुट होकर ये कार्य करे तो शायद काफी लोगो के पेट पर लात पड़ने से बचाया जा सकता है.






