रेलवे की नजर में हर सांसद 99 साल का

एेसा इसलिए है क्योंकि रेलवे से टिकट बुक कराते समय सांसद अपनी पहचान पत्र संख्या बताते हैं और इसी आधार पर बुकिंग कर दी जाती है। टिकट पर नाम नहीं लिखा जाता और उम्र 99 साल लिखी होती है। टीटीई भी चेकिंग के वक्त सिर्फ सांसद के पहचान पत्र संख्या का मिलान करता है। टीटीई का कहना है कि अगर उम्र 99 साल लिखी होती है तो समझ जाते हैं कि माननीय यात्रा पर हैं।
पहले शतायु भी नहीं मानता था रेलवे
रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि पहले रेलवे ने लोगों की अधिकतम उम्र भी 99 निर्धारित कर रखी थी। इससे ज्यादा की उम्र मानता ही नहीं था। करीब दो साल पहले किसी विवाद के बाद इसे बढ़ाकर 125 साल कर दिया गया है। अब 5 साल से लेकर 125 साल के उम्र का टिकट रेलवे जारी करता है।





