रुद्राक्ष और तुलसी की माला पहनने के लिए कौन-सा दिन है शुभ?

सनातन धर्म में तुलसी और रुद्राक्ष माला को बेहद महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष को महादेव का स्वरूप माना जाता है और तुलसी में मां लक्ष्मी का वास माना जाता है। इसलिए इन दोनों मालाओं को धारण करने का विशेष महत्व है।

इससे व्यक्ति को जीवन में कई शुभ परिणाम मिलते हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। अगर आप भी इन मालाओं को धारण करने का मन बना रहे हैं, तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते है कि तुलसी और रुद्राक्ष माला धारण करने के नियम के बारे में।

किस दिन धारण करें माला
रुद्राक्ष का संबध शिव जी से है। इसलिए रुद्राक्ष की माला धारण करने के लिए सोमवार का दिन शुभ माना जाता है। इसके अलावा महाशिवरात्रि, सावन या मासिक शिवरात्रि के दिन भी पहन सकते हैं। वहीं, तुलसी की माला धारण के लिए गुरुवार और एकादशी का दिन शुभ माना जाता है। इसके अलावा कार्तिक माह में भी पहन सकते हैं।

रुद्राक्ष माला पहने के नियम
सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद रुद्राक्ष को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें।
इसके बाद माला भगवान शिव के सामने रखें। इसके बाद माला को धारण करें।
इस दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
रुद्राक्ष पहनने वाले जातक को तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
अंतिम संस्कार और सूतक काल में रुद्राक्ष माला धारण नहीं करनी चाहिए।

तुलसी माला पहने के नियम
तुलसी माला धारण करने के लिए सुबह स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें।
इसके बाद तुलसी माला को गंगाजल या पंचामृत से स्नान कराएं।
अब माला को भगवान विष्णु के चरणों में रखें।
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करते हुए माला को धारण करें।

रुद्राक्ष माला पहनने के आध्यात्मिक लाभ
भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।
वास्तु दोषों का प्रभाव दूर होता है।
तनाव की समस्या दूर होती है।
बिगड़े काम पूरे होते हैं।
सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

तुलसी माला पहनने के आध्यात्मिक लाभ
तुलसी माला पहनने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
आत्मिक शुद्धि होती है।
इसके अलावा बुध और गुरु ग्रह मजबूत होते हैं।
जीवन में सभी सुख मिलते हैं।
कोई संकट नहीं आता है।
धन लाभ के योग बनते हैं।

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