राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जन्म शताब्दी पर चलेगा कुष्ठ जागरूकता अभियान

जिला कलक्टर ले दिया जनता के नाम सन्देष

हनुमानगढ़(Report Exclusive)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में चिकित्सा विभाग की ओर से जिले में कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. अरूण कुमार ने बताया कि महात्मा गांधी ने कुष्ठ रोगियों के साथ काम किया और उनकी सेवा की। उनका यह सेवा लाखों लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनी। कुष्ठ रोग के प्रति गांधी जी की यह विचारधारा मौजूदा समय में भी प्रांसगिक है। उन्होंने बताया कि आज भी समाज कुष्ठ रोग के संबध में फैली भ्रांतियों एवं भेदभावों से पूरी तरह मुक्त नही हुआ है। कुष्ठ रोगी आज भी अपनी पहचान छुपाता है। इसलिए इस रोग के प्रति समाज में फैली भ्रातियांे को दूर करने व इसके प्रति समुदाय को जागरूक करने एवं कुष्ठ रोग मुक्त भारत बनाने की दिशा में अक्टूबर माह के दौरान हनुमानगढ़ सहित प्रदेशभर में कई जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर पंचायत राज प्रमुखों द्वारा कुष्ठ रोग पर अभिभाषण व पंचायत राज संस्थाओं के सदस्यों द्वारा कुष्ठ रोकथाम, बचाव व उपचार मे सहयोग करने संबधी शपथ दिलवाई जाएगी। वहीं, स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को कुष्ठ रोग, लक्षण एवं इसके उपचार की सामान्य जानकारी दी जाएगी। 

जिला कलक्टर दिनेशचन्द्र जैन ने जनता के नाम जारी सन्देश में बताया कि कुष्ठ एक मामूली बीमारी है जो कि (लेप्रा बेसिली) नाम के जीवाणु से होती है। यह छुआछूत या आनुवंषिक रोग नही है। उन्होनें बताया कि कुष्ठ रोग की शुरूआत में पहचान एवं जांच करवाकर उपचार लेने से यह रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है और शारीरिक विकलांगता से बचा जा सकता है। कुष्ठ रोग एमडीटी (कुष्ठ निवारक औषधि) लेने पर पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसकी जांच एवं इलाज सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रो पर निशुल्क उपलब्ध है। उन्होनें बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज कुछ मामलों में 6 माह तो कुछ मे 12 माह का हो सकता है। जिला कलक्टर ने अपने सन्देश में आमजन से आस-पड़ोस के किसी व्यक्ति के शरीर में दाग-धब्बे होने पर आशा, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता या चिकित्सक से संपर्क कर इसकी जांच करवाने, कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति से किसी भी तरह का भेदभाव नही करने तथा जहां तक संभव हो उसका सहयोग करने का आग्रह किया है। 

कुष्ठ रोग की पहचान है आसान –

जनता के नाम सन्देश में जिला कलेक्टर ने बताया कि कुष्ठ रोग की पहचान आसान है- चमड़ी एवं चमड़ी के रंग से फीका, एक या एक से अधिक दाग या धब्बे जिसमे सुन्नपन, सुखापन, पसीना ना आता हो, खुजली, या जलन, चुभन ना होती हो तो कुष्ठ रोग हो सकता है। शरीर, चेहरे भोंहों के उपर कानों के उपर सूजन एवं गठान, दाने या तेलीय चमक दिखाई पड़े तो ये भी कुष्ठ रोग की निशानी है। हाथ पैर में सुन्नता, सूखापन, एवं कमजोरी होने पर भी कुष्ठ रोग की जांच करवाई जानी चाहिए। 

अक्टूबर माह में होंगी यह गतिविधियां – 

पर्यवेक्षक राजेष्वर कुषवाहा ने बताया कि 2 अक्टूबर को जिला प्रमुख सभी जिला परिषद सदस्यों को शपथ दिलवाएंगें। इसी तरह सभी ब्लॉकों में पंचायत समिति प्रधानों द्वारा पंचायत समिति सदस्यों को शपथ दिलवाई जाएगाी। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभाओं में कुष्ठ रोग से बचाव की जानकारी दी जाएगी तथा सरपंचों द्वारा अभिभाषण होगा। वहीं, 2 से 31 अक्टूबर तक सभी उच्च प्राथमिक, माध्यममिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में प्रार्थना सभाओं में संबधित क्षेत्र की स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित होकर प्रधानाचार्य द्वारा कुष्ठ रोग संबधी सन्देश दिया जाएगा। 

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