राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ और जयपुर पीठ को बम से उड़ाने की धमकी

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ और जयपुर पीठ को शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद न्यायिक व्यवस्था में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआत में धमकी केवल जयपुर पीठ को मिलने की सूचना सामने आई थी लेकिन कुछ ही देर बाद जोधपुर स्थित मुख्य पीठ को भी खाली कराने का निर्णय लिया गया।
बम की धमकी के बाद जोधपुर मुख्य पीठ में सभी न्यायाधीशों को तत्काल कोर्ट कक्षों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों को हाईकोर्ट परिसर के डोम और खुले स्थानों में एकत्रित किया गया, इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेराबंदी कर जांच शुरू की।
जयपुर पीठ के लिए यह बम की धमकी कोई नई घटना नहीं है। शुक्रवार को मिली सूचना सातवीं बार थी, जब हाईकोर्ट जयपुर पीठ को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इससे पहले 31 अक्टूबर, 5 दिसंबर, 8 दिसंबर, 9 दिसंबर, 12 दिसंबर और 16 दिसंबर को भी इसी तरह की धमकियां दी जा चुकी हैं। हर बार की तरह इस बार भी एहतियात के तौर पर पूरे हाईकोर्ट परिसर को खाली कराया गया और अदालतों में चल रही कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई।
अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और पक्षकारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। बम निरोधक दस्ते और पुलिस की विशेष टीमों ने सत्यमेव जयते भवन सहित पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। जांच के बाद किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने की पुष्टि की गई।
लगातार मिल रही बम धमकियों को देखते हुए हाईकोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि इन धमकियों के मद्देनजर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में 19 दिसंबर 2025 को एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक आयोजित की जा चुकी है। बैठक में हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर कई अहम निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद लगातार आ रही धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।





