रक्षा मंत्रालय ने लागू की इंट्रानेट व्यवस्था ओएसिस, नई व्यवस्था से हर समय अपडेट रहेंगे देशभर के अधिकारी

देश की रक्षा करने वाले सैन्य अफसरों को सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। कई महत्वपूर्ण जानकारियां जो अफसरों को सेवानिवृत्ति के समय ही पता चल पाती थीं, अब एक क्लिक पर सामने होंगी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने सैन्य अफसरों के सभी रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। ऑफिसर्स ऑटोमेटेड एंड स्ट्रक्चर्ड इन्फॉरमेशन सिस्टम (ओएसिस) के जरिये सैन्य अधिकारी देशभर में कहीं से भी आर्मी इंट्रानेट से अपनी सेवा से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। 
अफसरों और पेंशनरों से शुरुआत
ओएसिस रक्षा मंत्रालय का पायलट प्रोजेक्ट है। सफल होने पर इसका विस्तार जवानों और जेसीओ के लिए भी किया जाएगा। अभी सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य अफसरों को ओएसिस से जोड़ा गया है। उनके रिकॉर्ड की देखरेख रक्षा मंत्रालय का एजी ब्रांच करता है। एजी ब्रांच से सैन्य अफसरों को वेतन से जुड़ी जानकारी तो मिल जाती है, लेकिन मिले मेडल सर्विस रिकॉर्ड में जुड़े या नहीं, पार्ट टू ऑर्डर में नामित का नाम है या नहीं, ऐसी सूचनाएं पता नहीं हो पातीं। मेडिकल के आधार पर डिसएबल होने, इससे जुड़े भत्ते सेवानिवृत्ति में मिलने, हाई एल्टीट्यूट और काउंटर इंसरजेंसी क्षेत्रों में तैनात रहने की सूचना रिकॉर्ड में दर्ज होने या फिर तलाक होने पर नामित से जुड़ी जानकारी मुश्किल से मिलती थी।
वेबसाइट पर कराना होगा पंजीकरण
नई व्यवस्था के तहत ओएसिस को पीसीडीए की वेबसाइट पर सैन्य अफसरों को पंजीकरण कराना होगा। उनको वन टाइम यूजर आइडी और पासवर्ड मिलेगा, जिससे सैन्य अधिकारी सर्विस रिकॉर्ड देखने के साथ मासिक वेतन अकाउंट और फार्म 16 को डाउनलोड कर सकेंगे। उनको डिफेंस सर्विस ऑफिसर्स प्रोविडेंट फंड के बारे में भी सटीक जानकारी मिलेगी।





