येदियुरप्पा पर बीजेपी नेताओं को 1,800 करोड़ रुपये रिश्वत देने का खुलासा

दिल्ली ब्यूरो: बीजेपी सरकार पर राहुल गाँधी के हमले को पुख्ता करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमे कहा गया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीo एसo येदियुरप्पा ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को 1800 करोड़ रूपए घुस दिया है।इस रिपोर्ट के अनुसार अपनी पार्टी की केंद्रीय समिति और उसके कुछ शीर्ष राष्ट्रीय नेताओं के 1,800 करोड़ रुपये के भुगतान को सूचीबद्ध करते हुए डायरी नोटिंग की थी ।
द कारवांपत्रिका ने दावा किया कि उसके पास ‘दस्तावेजों’ है, जिससे पता चलता है कि बीएसवाई की लिखावट में डेयरी नोटिस आयकर (आईटी) विभाग के कब्जे में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है: “येदियुरप्पा ने कर्नाटक राज्य विधानसभा विधायक की 2009 की डायरी में कन्नड़ में अपने हाथों में इन कथित भुगतानों को लिखा हैं । इन नोटिंग की प्रतियां 2017 से आयकर विभाग के पास हैं, “रिपोर्ट में कहा गया है कि,“ डायरी के पन्नों की प्रतियां ध्यान दें कि येदियुरप्पा ने भाजपा केंद्रीय समिति को 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया था; उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को 150 करोड़ रुपये का भुगतान किया; उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को 100 करोड़ रुपये दिए; और उन्होंने भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी और पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा, जजों को 250 करोडे और वकील को 50 -50 करोड़ देने की बात लिखी है |
हालाँकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि किस साल ये कथित भुगतान किए गए थे, वह स्पष्ट नहीं है। याद रहे, येदियुरप्पा मई 2009 से जुलाई 2011 तक मुख्यमंत्री थे। कारवां की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इसकी जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्री अरुण जेटली के अधीन आईटी विभाग 2017 से इन डायरी प्रविष्टियों की प्रतियों पर “बैठा” था। संयोग से, जेटली 2004-2013 के बीच कर्नाटक भाजपा के प्रभारी थे। खबर के मुताविक एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने एक अहस्ताक्षरित कवर नोट के साथ येदियुरप्पा की डायरी प्रविष्टियों की प्रतियां वित्त मंत्री अरुण जेटली को दीं। आईटी के वरिष्ठ अधिकारी ने नोट में पूछा कि क्या प्रवर्तन निदेशालय की जांच – वित्तीय और आर्थिक अपराधों के लिए भारत की शीर्ष कानून-प्रवर्तन एजेंसी – व्यवहार्य थी। लेकिन जेटली, जिनका नाम डायरी में है, कथित तौर पर येदियुरप्पा से 150 करोड़ रुपये मिले, जिसके बाद आयकर अधिकारी के नोट पर कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया।
रिपोर्ट के अनुसार, आईटी विभाग ने अगस्त 2017 में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के आवास पर छापे के दौरान इन डायरी के पन्नों ’को जब्त कर लिया और कांग्रेस नेता से इस बात की पुष्टि करने का दावा किया।येदियुरप्पा की लिखावट में कथित तौर पर नोटिंग पर, द कारवां ने कहा कि इसकी पुष्टि कर्नाटक के एक वरिष्ठ राजनेता ने आईटी छापे की जानकारी में की है। इधर कांग्रेस अब इस मामले को लेकर जांच की मांग कर रही है। कांग्रेस की मांग पर येदियुरप्पा ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस ने “लड़ाई शुरू होने से पहले ही हार गई थी” दिलचस्प बात यह है कि पत्रिका से वरिष्ठ आईटी अधिकारी ने कहा कि पत्रिकाओं के संवाददाताओं को बताया कि येदियुरप्पा ने ये ‘डायरी नोटिंग’ उस समय की थीं जब उन्होंने भाजपा से अपनी एक पार्टी, कर्नाटक जनता पक्ष केजेपी 2012 में शुरू करने के लिए कुछ समय के लिए बहार हुए थे । 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले, येदुरप्पा ने केजेपी का भाजपा में विलय कर दिया था ।

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