यूपी सरकार ने दी नई इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति को मंजूरी, चार लाख रोजगार का लक्ष्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के परिदृश्य में ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2020’ को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक़ यह नीति कोविड-19 महामारी के परिदृश्य में प्रदेश को वैकल्पिक निवेश गन्तव्य के रूप में वैश्विक निवेशकों के समक्ष पेश करने में सक्षम है।इस नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और रोजगार के चार लाख प्रत्यक्ष अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

प्रवक्ता के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश की ‘‘उ0प्र0 इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2017’’ को जबरदस्त सफलता मिली है। इसने निवेश तथा रोजगार लक्ष्यों को तीन वर्षों में ही अर्जित कर लिया है। प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स इकोसिस्टम को फिर से रफ्तार देने के लिए नई इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति 2020 के आच्छादन क्षेत्र को नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना एक्सप्रेसवे के मौजूदा ‘इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग जोन’ से बढ़ाकर सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश तक विस्तारित कर दिया गया है। प्रस्तावित प्रोत्साहन नीति का लाभ प्रदेश में कहीं भी स्थापित होने वाली इकाइयों को प्राप्त होंगे।

प्रवक्ता ने बताया कि क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने के लिए इस नीति के तहत बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल क्षेत्र में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना हेतु निवेशकों को दो गुनी दर से भूमि उपादान की व्यवस्था की गई है। नई नीति के तहत निवेशक, 15 प्रतिशत पूंजी उपादान तथा एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त पूंजी उपादान के लिए पात्र होंगे। अधिसूचित बैंकों/वित्तीय संस्थानों से प्राप्त ऋण पर पांच प्रतिशत प्रतिवर्ष ब्याज उपादान की अनुमति होगी। इसके अलावा स्टाम्प कर से छूट, भूमि उपादान, पेटेन्ट फाइलिंग लागत की प्रतिपूर्ति, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से छूट, ईएमसी विकास तथा एकल इकाइयों के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि बुन्देलखण्ड तथा पूर्वांचल में निवेशकों को सेक्टर दरों पर 50 प्रतिशत भूमि उपादान प्रदान किया जाएगा। भारत को एक वैकल्पिक निवेश गन्तव्य के रूप में देख रहे वैश्विक निवेशकों को लक्षित करने के लिए स्थिर पूंजी निवेश के 40 प्रतिशत तक पुनर्निर्मित संयंत्र, मशीनरी और उपकरणों की अनुमति होगी।

नई नीति के अन्तर्गत दिए जाने वाले प्रोत्साहन स्थिर पूंजी निवेश के सौ प्रतिशत की सीमा तक तथा केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद संबंधी प्रोत्साहन को छोड़ कर दिए जाएंगे। नीति के तहत दिये जाने वाले सभी प्रोत्साहन केंद्र द्वारा दिये जाने वाले प्रोत्साहनों को छोडकर तथा उनके अतिरिक्त होंगे। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के अधीन एक नोडल संस्था नामित की जाएगी। इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 अधिसूचना की तिथि से पांच वर्षों के लिए वैध है।

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