यूपी में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या इतनी पहुंची, 18 डिस्चार्ज

 
कालाबाजारी करने वालों पर कसा शिंकजा, 20 एफआईआर दर्ज
शिड्यूल एच1 में रखी गई हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन दवा, आम जनता नहीं करे सेवन
लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के साथ जनता को जरूरी सेवाएं सुविधाजनक तरीके से पहुंचाने में जुटी है। प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या जहां 49 पहुंच चुकी है। वहीं राहत वाली बात है कि 14 मरीज ठीक होकर अपने घर भी जा चुके हैं। इसके साथ ही कालाबाजारी वालों से भी अब सख्ती से निपटा जा रहा है और 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें कुल 23 अभियुक्त हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने शुक्रवार को बताया कि अभी तक 3,710 एफआईआर धारा-188 के अंतर्गत दर्ज की गई हैं। अभियुक्तों की संख्या 11,317 तक पहुंच गई हैं। लाॅकडाउन को बहुत गम्भीरता से लेते हुए हर जनपद में सकारात्मक और कड़ी कार्रवाई की गई है। अब तक कुल 5,732 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही चेक किए गए वाहनों की संख्या 3,81,000, चालानों की संख्या 93,214 है। इसके साथ ही अब तक 1.92 करोड़ शमन शुल्क के तौर पर वसूला गया है। पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से अनावश्यक आवागमन पर अंकुश लगाया गया है।
धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारों में कोई भी धार्मिक आयोजन न हो, इसके लिए सभी जगह निर्देश भेजे गए हैं और इसमें काफी अच्छा सहयोग प्राप्त हुआ है। सभी धर्मगुरुओं का आह्वान हुआ और सबने डिजास्टर मैनेजमेंट के अंतर्गत दिए गए निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए लोगों से घर पर ही पूजा, नमाज अथवा अन्य सभी धार्मिक कार्यों को करने की अपील की है। केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ की सभी सुविधाएं प्रदेशवासियों को प्राप्त हों, इस बात की समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा अपर मुख्य सचिव, वित्त को निर्देश दिए हैं कि वे मुख्य सचिव के निर्देशन में इस कार्ययोजना को सभी विभागों से समन्वय स्थापित करके सुनिश्चित कराएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित योजना को प्रदेश में बहुत जल्द अप्रैल के प्रथम सप्ताह में क्रियान्वित करने की कार्रवाई की जा रही है।
18 हजार से अधिक गाड़ियों से हो रही होम डिलीवरी
लोगों को आवश्यक वस्तुओं की घरों तक सप्लाई के लिए लगाई गई मोबाइल वैन की संख्या बढ़कर 18772 हो गई है। इनमें मोटर चालित 7008 वाहन और 11764 हाथ ठेला गाड़ियां हैं। इसके साथ ही सामुदायिक रसोईघरों में भी बनने वाले भोजन पैकेट की संख्या लगातार बढ़ रही है। राजधानी लखनऊ में आज जियामऊ स्थित जिस कम्युनिटी किचेन का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया, वहां 4000 से 5000 भोजन पैकेट तैयार किए गए।
सबसे ज्यादा गोरखपुर जोन में एफआईआर
प्रदेश में कालाबाजारी को लेकर अब सख्ती बरती जा रही है। इसे लेकर 20 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें प्रयागराज जोन में 04 एफआईआर और 10 अभियुक्त, बरेली जोन में 01 एफआईआर और 01 अभियुक्त, मेरठ जोन में 01 एफआईआर और 01 अभियुक्त, वाराणसी जोन में 03 एफआईआर और 07 अभियुक्त, गौतमबुद्धनगर जोन में 01 एफआईआर और 01 अभियुक्त और गोरखपुर जोन में 10 एफआईआर और 03 अभियुक्त हैं।
पांच लाख से अधिक लोगों को​ मिला लाभ
इसके अलावा एक हजार रुपये को लेकर कर्मचारी कल्याण बोर्ड से शासनादेश जारी हो चुका है। 597000 लोगों को इसका लाभ मिल चुका है। आने वाले दिनों में 20 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री की ओर से सभी 11 कमेटियों को प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। वहीं उनके निर्देश के बाद सभी 75 जनपदों के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षक ज्वाइंट पेट्रोलिंग कर रहे हैं। अधिकारियों तीन से नौ घंटे तक सड़कों पर​ एक साथ पेट्रोलिंग की है।
दैनिक श्रमिकों के लिए 235 करोड़ की धनराशि जारी
दैनिक श्रमिकों को एक हजार रुपये प्रति व्यक्ति देने के लिए 235 करोड़ की धनराशि विभिन्न जनपदों को दी जा चुकी है। इसके साथ ही सभी 75 जनपदों 17.25 मेडिकल उपकरणों के लिए जारी किए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों के लिए 6 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को 50 करोड़ मेडिकल उपकरण के लिए अलग से मुहैया कराये गये हैं। इसके साथ ही कोरोनो को लेकर जनपदों को कंट्रोल रूम 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। शिक्षक संगठनों की ओर से अपने वेतन में से एक दिन की कटौती कर मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का आह्वान किया गया है। इसके मद्देनजर बेसिक शिक्षा अधिकािरयों को आदेश दिए गए हैं। गन्ना क्रय केन्द्र चलाने के निर्देश दिए गए हैं हैं। प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं उद्योग खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
35 मरीज अलग-अलग भर्ती, हालत स्थिर
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कुल 49 कोरोना वायरस के पाॅजिटिव मामले सामने आए हैं। इन 49 में से 14 संक्रमित मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए हैं। बाकी 35 मरीज अलग-अलग जगहों पर भर्ती हैं, जिनकी हालत स्थिर है। इस समय प्रदेश में कोरोना वायरस टेस्टिंग के लिए 8 प्रयोगशालाएं क्रियाशील हैं। इसके अलावा झांसी में एक प्रयोगशाला को शीघ्र क्रियाशील किया जा रहा है। प्रयागराज एवं लखनऊ में भी एक-एक प्रयोगशाला और सेट-अप करने एवं उनको क्रियाशील करवाने की कार्रवाई चल रही है। कोरोना वायरस के कुल भर्ती मरीजों की संख्या 97 है। अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो प्रदेश में कुल 4,255 आइसोलेशन बेड्स तैयार हैं। सरकारी क्षेत्र में हम अतिशीघ्र 15,000 बेड्स और उपलब्ध करवाएंगे। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर निजी क्षेत्र की भी मदद ली जाएगी। प्रदेश में क्वारंटाइन के लिए 6,000 से ज्यादा बेड उपलब्ध हैं।
12 जनपदों में मिले कोरोना के मामले
कुल 75 जिलों में से अभी तक 12 जनपद ऐसे हैं जहां से पाॅजिटिव केस आए हैं। उपकरणों की आपूर्ति बढ़ गई है। सभी अस्पतालों में जहां मरीज हैं, वहां दवाई उपकरण उपलब्ध कराये जा रही हैं। वहीं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक कोरोना वायरस के इलाज में लगे चिकित्सकर्मी और इस बीमारी से संक्रमित लोगों के सम्पर्क में रहने वाले लोगों के लिए हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन दवा रिकमण्ड की है। यह दवा आम जनता को नहीं खानी है। इसे लेकर उनमें भ्रम हो रहा था। इसलिए केन्द्र सरकार ने इसे शिड्यूल एच1 में रखा दिया है, जिससे बिना डॉक्टर के लिखे इसे नहीं लिया जा सकेगा।

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