यूपी के इन रूटों पर चलाई गई स्पेशल बसें, मजदूरों को अब नहीं जाना पड़ेगा पैदल

लखनऊ: लॉकडाउन एक आपातकालीन प्रोटोकॉल है। आपातकालीन स्थिति में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा यह प्रतिबंध लगाया जाता है। जिस शहर को लॉकडाउन किया जाता है उस शहर में कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल सकता है। वह स्वयं को घर में कैद कर लेता है। मात्र अति आवश्यक कार्य के लिए लोग घर से बाहर निकल सकते हैं। 2020 में कोरोनावायरस से बचाव के उद्देश्य से भारत सरकार ने 25 मार्च से 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया है।
कोरोना (Coronavirus) के कहर ने पूरे देश की रफ्तार को रोक दिया है। लॉकडाउन (Lockdown) के चलते ट्रेन और बसों समेत आने-जाने के सभी संसाधन बंद हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा तकलीफ मजदूरों (Labourers) को हो रही थी। क्योंकि ज्यादातर लोग नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर में काम करते थे। ऐसे में घर जाने के लिए मजबूरन उन्हें कई किमी का सफर पैदल या साईकिल पर तय करना पड़ रहा था। ऐसे में उनके लिए राहत की खबर है। दरअसल यूपी में रोडवेज (UP Roadways) की ओर से आज से स्पेशल बस सेवा (Special Bus Service) शुरू की गई है।
मालूम हो कि हाल ही में मजदूरों के इस दर्द को बयां करने के लिए एक खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि कैसे बिहार जाने के लिए एक परिवार रिक्शे से करीब 1018 किमी का सफर (On Foot) करने को मजबूर था। वहीं कई अन्य मजदूर भी बिना खाए पिए ही पैदल अपने मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
उनकी इस तकलीफ को देखते हुए यूपी सरकार (UP Government) ने उत्तर प्रदेश के 6 रूट्स पर 21 बसें चलाए जाने की घोषणा है। इसमें नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ से लेकर यूपी के अन्य क्षेत्र शामिल होंगे। सरकार के आदेश के बाद गढ़मुक्तेश्वर रोडवेज डिपो से मजदूरों को गाजियाबाद लाने के लिए बस सेवा शुरू की गई। ये स्पेशल बस सेवा है महज जरूरतमंदों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए है। गढ़मुक्तेश्वर के एआरएम रंजीत सिंह बताया कि यात्रियों को रवाना करने से पहले बसों को सैनेटाइज (Sanitize) कराया गया। इसके बाद उन्हें दूर-दूर बिठाया गया, जिससे संक्रमण का खतरा न रहें।

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