यूपीडा और एन-टीएसी के बीच हुआ महत्वपूर्ण करार

भारतीय नौसेना के डिफेंस कॉरिडोर में इकाई स्थापित करने की संभावनाएं बढ़ी -योगी
लखनऊ। योगी सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में राज्य के डिफेंस कॉरिडोर को लेकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत गुरुवार को नेवल टेक्नोलॉजी एक्सिलरेशन काउंसिल (एन-टीएसी) के लोकार्पण एवं एन-टीएसी एवं प्रदेश की निर्माण इकाई यूपीडा के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत विजन में नवोचार और स्वेदशीकरण की तरफ हम सभी का ध्यान आकर्षित किया है। इस दृष्टि से हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मेक इन इंडिया की तर्ज पर 101 रक्षा उपकरणों का देश में ही उत्पादन करने का निर्णय किया है। इन 101 उपकरणों की सूची में उच्च प्रौद्योगिकी आधारित अनेक हथियार प्रणालियां तथा देश के रक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने वाली विभिन्न वस्तुएं भी शामिल हैं। इस निर्णय से स्वदेशीकरण के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी, साथ ही देश का रक्षा उद्योग भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरत के अनुरूप अपने आप को तैयार कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि नेवल इनोवशन ऐण्ड इण्डीजनाइजेशन आर्गनाइजेशन की स्थापना से भारतीय नौसेना में इनोवेशन के साथ-साथ स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। भारतीय नौसेना और यूपीडा के बीच एमओयू हस्ताक्षरित होने के साथ ही दोनों के मध्य औपचारिक रूप से संपर्क स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। एमओयू हस्ताक्षरित होने से भारतीय नौसेना डिफेंस कॉरिडोर में स्थापित होने वाले सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के सहयोग से अपनी समस्याओं के समाधान तलाश सकेगी। इसके अतिरिक्त भारतीय नौसेना द्वारा डिफेंस कॉरिडोर में इकाई स्थापित करने की संभावनाएं भी आगे बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इस दृष्टि से अत्यंत संभावना वाला प्रदेश है। हमारे लिए यह सौभाग्य का विषय है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश का स्वयं भी नेतृत्व करते हैं। वह उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में, केंद्र में कई महत्वपूर्ण विभागों तथा आज रक्षा मंत्री के रूप में उनका यश प्रपट कर रहे हैं। इस दृष्टि से भी इन संभावनाओं को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने में हमें मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा​ कि 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ किया था। उस समय उन्होंने प्रदेश के लिए डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर के लिए घोषणा की थी। इस दिशा में उत्पादन की प्रक्रिया को गतिमान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन और छूट को भी हमने पॉलिसी के माध्यम से आगे बढ़ाया है। सिंगल-विंडो प्रक्रिया के अंतर्गत हमने रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादन इकाइयों को भी इसमें समाहित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा​ कि वर्तमान में अलीगढ़, कानपुर, झांसी और चित्रकूट जनपदों में 1,290 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण इस दृष्टि से किया है। डिफेंस मनुफॅक्चरिंग कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड में जितनी भी भूमि हमारे पास मौजूद थी उसे पहले ही निवेशकों को आवंटित किया जा चुका है। यूपीडा ने आईआईटी-बीएचयू और आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापना की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 5 से 9 फरवरी 2020 के मध्य डिफेंस एक्सपो का आयोजन हुआ और रक्षा मंत्री राजनाथ ​सिंह के मार्गदर्शन में इस एक्सपो को सफलतम ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। रक्षा निर्माण के क्षेत्र में ये अनुबंध उत्तर प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल कर्मबीर सिंह, वाइस एडमिरल अशोक कुमार का आभार जताया।

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya
Back to top button