यात्रियों के साथ धोखाधड़ी, हरिद्वार से दिल्ली तक ठगे जा रहे यात्री, रहे सावधान !

हरिद्वार से लेकर दिल्ली और अन्य शहरोड्डमें बैठे यात्रा से संबंधित कारोबारी हर रोज यात्रियों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। कहीं कमरे के दाम के नाम पर, कहीं हवाई सेवा तो कहीं वाहनों की बुकिंग के नाम पर यात्रियों को ठगा जा रहा है।

यात्रा सीजन से पहले प्रशासन की ओर से दावे किए गए थे कि उत्तराखंड की छवि पूरी दुनिया में बेहतर बने इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। कोई भी एजेंट या ट्रेवल कारोबारी यदि यात्रियों के साथ धोखाधड़ी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन न तो चारधाम यात्रा में वाहनों के दाम फिक्स किए गए हैं और न ही होटलों में भी किराये को लेकर कोई नियमावली बनाई गई है। ऐसे में यात्रियों के साथ हर रोज धोखाधड़ी की जा रही है। से सारे मामले प्रशासन के संज्ञान में होने के बाद भी कार्रवाई कोई नहीं की गई।
हरिद्वार में चारधाम यात्रा के दौरान हर गली में कई कई ट्रेवल एजेंसी खोली गई हैं। कहीं चाय की दुकान पर तो कहीं खाने के ढाबे पर ट्रेवल एजेंसी के बोर्ड लगे हैं। ट्रेवल एजेंसियों पर एक ही यात्रा और एक ही वाहन के दाम अलग-अलग हैं। बुधवार को जिलाधिकारी दीपक रावत के मारे गए छापे से साफ हो गया कि किस तरह से यात्रियों से वसूली की जा रही है। इस सबके बाद भी संबंधित विभागों के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने बताया कि इस तरह की कई शिकायत उनके संज्ञान में आई हैं लेकिन किसी ने भी लिखित में शिकायत नहीं की है। इस वजह से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। वैसे यात्रियों के साथ यह व्यवहार ठीक नहीं है। ऐसे एजेंसी चालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए यह मार्गदर्शन पाने के लिए शासन स्तर पर पत्र लिखा गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि अपंजीकृत ट्रेवल एजेंट ऐसा ज्यादा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के छापे के बाद आज उन्हें भी छापेमारी करनी थी लेकिन छुट्टी हो गई। अब एक दो दिन में छापेमारी और चैकिंग अभियान चलाएंगे।
केस एक
पवन हंस के नाम पर जयपुर के एक परिवार से प्रति टिकट आठ हजार रुपये की बुकिंग ऑनलाइन कराई गई। एडवांस पैसे ले लिए गए लेकिन हरिद्वार आकर जब परिवार ने एजेंट से संपर्क किया तो बताया गया कि सेवाएं बाधित हैं। एडवांस बुकिंग ज्यादा आ गई जिस कारण आपको हवाई सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। या तो पैसे वापस ले लें या फिर ज्यादा ही जरूरी है तो कुछ और पैसे देने पडे़ंगे। यात्रियों को वाहन से यात्रा पर जाना पड़ा।
केस दो
दिल्ली के दो परिवारों ने दिल्ली की ही एक ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से हरिद्वार के एक होटल में दो कमरे एक और दो जून के लिए बुक कराए थे। जब यात्री होटल में पहुंचा तो उसे रिसेप्शन पर बताया गया कि यहां तो उनकी कोई बुकिंग ही नहीं है। संबंधित एजेंसी से उनका कोई संपर्क भी नहीं है। एजेंट को फोन मिलाया तो उसका फोन ही बंद मिला।
केस तीन
नई दिल्ली से चारधाम यात्रा पर जा रहे एक परिवार ने जिला पर्यटन अधिकारी को फोन पर शिकायत कर बताया कि उनसे हरिद्वार केे एक ट्रेवल एजेंट ने वाहन बुक कराने के समय एडवांस पैसे लिए थे। जब वे पिछले हफ्ते हरिद्वार पहुंचे तो वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया।





