यमुना एक्सप्रेस वे पर फटा टायर तो कार के उड़े परखच्चे, 5 की दर्दनाक मौत

लुधियाना . पंजाब के लुधियाना में रहने वाली एक फैमिली भयानक हादसे का शिकार हो गई। ड्राइवर की आंख लगने से ओवर स्पीड इंडेवर का बैलेंस बिगड़ने से डिवाइडर से टकरा गई। टकराने के कारण टायर फटने से गाड़ी कई पलटियां खाते हुए काफी दूर तक चली गई। हादसे में लुधियाना के एक ही परिवार के चार लोगों और ड्राइवर की मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखचे उड़ गए।

कहां हुआ हादसा…
यह हादसा मथुरा में मथुरा-यमुना एक्सप्रेस हाईवे सुबह 6.00 बजे के करीब हुआ। इंडेवर सवार लुधियाना से पुणे जा रहे थे। मामले की सूचना मिलने पर पहुंची मथुरा पुलिस ने कार को काटकर लाशें बाहर निकालीं। हादसे में मरने वाले मनजीत नगर के प्रेम प्रकाश (52), उनका भतीजा गिल रोड का रहने वाला यादव पपनेजा(18), मॉडल टाउन में रहने वाला प्रेम प्रकाश का साला राजेश ग्रोवर(48) और उनका बेटा सारांश ग्रोवर(18) और ड्राइवर दलवीर सिंह है। अस्पताल से पोस्टमार्टम कराने के बाद लाशों को लुधियाना भेज दिया गया।
इस कारण से हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार प्रेम प्रकाश की गिल चौक के पास परमहंस करियाना स्टोर है और राजेश का रेडीमेड कपड़ों का कारोबार था। यादव और सारांश बारहवीं क्लास के स्टूडेंट थे। उन्होंने पुणे में अपने गुरुओं के स्थान पर माथा टेकने जाना था। उन्होंने अपने पड़ोसी की इंडेवर ली और ड्राइवर दलवीर सिंह को बुलाया था। वीरवार को पांचों रवाना हो गए। शुक्रवार सुबह छह बजे वे मथुरा-यमुना एक्सप्रेस हाईवे पर पहुंचे तो एकदम दलवीर की आंख लग गई। जिस कारण हादसा हो गया।
जानकारी के अनुसार प्रेम प्रकाश की गिल चौक के पास परमहंस करियाना स्टोर है और राजेश का रेडीमेड कपड़ों का कारोबार था। यादव और सारांश बारहवीं क्लास के स्टूडेंट थे। उन्होंने पुणे में अपने गुरुओं के स्थान पर माथा टेकने जाना था। उन्होंने अपने पड़ोसी की इंडेवर ली और ड्राइवर दलवीर सिंह को बुलाया था। वीरवार को पांचों रवाना हो गए। शुक्रवार सुबह छह बजे वे मथुरा-यमुना एक्सप्रेस हाईवे पर पहुंचे तो एकदम दलवीर की आंख लग गई। जिस कारण हादसा हो गया।
कई बार पलटने से कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस कारण कार में सवार लोगों के चेहरों पर गहरे जख्म आए। पुलिस के अनुसार लाशों की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। इलाके के लोगों ने बताया कि प्रेम प्रकाश अपने पड़ोसी द्वारा 15 दिन पहले नई ली इंडेवर मांगकर ले गए थे। हादसे के बाद पुलिस ने कार के दस्तावेज निकालकर उसके मालिक को सूचित किया। जिसके बाद ही घरवालों को बताया जा सका।
इकलौता चिराग था यादव
यादव पपनेजा के पिता गोपाल पपनेजा की गिल रोड पर जम्मू बेकरी है। उसकी दो बड़ी बहनें हैं। उसके दोस्त रत्न ने बताया कि यादव ने इसी साल बारहवीं क्लियर की थी। कुछ दिनों से उसके परिवार वाले यादव को आगे स्टडी कराने को लेकर प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई। सारांश भी दो भाइयों में से छोटा था।
यादव पपनेजा के पिता गोपाल पपनेजा की गिल रोड पर जम्मू बेकरी है। उसकी दो बड़ी बहनें हैं। उसके दोस्त रत्न ने बताया कि यादव ने इसी साल बारहवीं क्लियर की थी। कुछ दिनों से उसके परिवार वाले यादव को आगे स्टडी कराने को लेकर प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई। सारांश भी दो भाइयों में से छोटा था।
कहता था बर्थ-डे से पहले ही भाग जाऊंगा
यादव के दोस्त सिमरन ने बताया कि 21 अगस्त को यादव का जन्म दिन था। उससे सभी दोस्त मिलकर बर्थ-डे पार्टी मांग रहे थे। वह तीन दिन से सबको यहीं बात कह रहा था कि मैं अपने जन्मदिन से पहले ही सबको छोड़ के भाग जाऊंगा। इस बार किसी को पार्टी नहीं देनी है। सिमरन ने बताया कि उन्हें क्या पता था कि यादव सच में सभी को छोड़कर चला जाएगा। उसने बताया कि वीरवार की रात 11.55 पर यादव ने सोशल साइट पर अपना लास्ट स्टेट्स अपडेट किया। उसी समय उसकी सबसे आखिरी बात हुई थी।
यादव के दोस्त सिमरन ने बताया कि 21 अगस्त को यादव का जन्म दिन था। उससे सभी दोस्त मिलकर बर्थ-डे पार्टी मांग रहे थे। वह तीन दिन से सबको यहीं बात कह रहा था कि मैं अपने जन्मदिन से पहले ही सबको छोड़ के भाग जाऊंगा। इस बार किसी को पार्टी नहीं देनी है। सिमरन ने बताया कि उन्हें क्या पता था कि यादव सच में सभी को छोड़कर चला जाएगा। उसने बताया कि वीरवार की रात 11.55 पर यादव ने सोशल साइट पर अपना लास्ट स्टेट्स अपडेट किया। उसी समय उसकी सबसे आखिरी बात हुई थी।





