मौसम की दोहरी मार: यूपी-बिहार में आंधी-बारिश बनी आफत, कई राज्यों में लू का प्रकोप

बिहार और उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश के चलते हुए हादसों में करीब 16 लोगों की मौत हो गई। तेज हवाओं, बिजली आपूर्ति ठप होने, पेड़ और पोल गिरने तथा फसलों के नुकसान से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बिहार के भागलपुर और आसपास के जिलों में सोमवार रात 110 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से चली हवा और वर्षा ने व्यापक तबाही मचाई। इससे हुए हादसों में आठ लोगों की मौत हो गई।
भागलपुर में 200 से अधिक स्थानों पर पेड़ गिर गए और 300 से अधिक बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे 23 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया। केला, आम और लीची की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
तेज आंधी से अस्पताल की खिड़कियों के शीशे टूटे
जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के एचडीयू वार्ड की खिड़कियों के शीशे टूट गए और मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा। वार्ड में पानी भर गया, जिससे मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टर व स्टाफ सहित अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मधेपुरा, दरभंगा और मधुबनी में भी तेज आंधी से मकान, स्कूल भवन और पेड़ क्षतिग्रस्त हुए। मौसम विभाग ने दक्षिण बिहार में बादल छाए रहने और सीमांचल क्षेत्र में आंधी-पानी की प्रबल संभावना जताई है।
उत्तर प्रदेश में भी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई
उत्तर प्रदेश में भी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। लखीमपुर, गोंडा, सीतापुर, बस्ती और संतकबीरनगर समेत विभिन्न जिलों में आठ लोगों की मौत हो गई। कई जगह टिनशेड उड़ गए। मकानों की दीवारें और स्कूलों की बाउंड्रीवाल गिर गईं। लखीमपुर के कारीबडेरी गांव में आंधी के दौरान लगी आग में 40 घर जल गए। बिजली पोल टूटने से कई गांव अंधेरे में डूब गए।
गोंडा में रेल ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रास्ते में खड़ी रहीं। दूसरी ओर प्रदेश के 30 जिलों में बुधवार को भी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
छत्तीसगढ़ में यलो अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ के दक्षिण और मध्य जिलों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। यहां 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। राजनांदगांव 46.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा।
उत्तराखंड में हीट वेव का यलो अलर्ट जारी
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी रही, जिसके चलते हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा और ओलावृष्टि से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग ने 29 मई से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने मैदानी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को चंबा में हल्की वर्षा हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में तेज धूप रही। ऊना में तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने 28 से 30 मई के बीच वर्षा, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं
जम्मू समेत मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। कठुआ 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग के अनुसार मई के अंत तक अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि, 28 और 29 मई को कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और हल्की वर्षा की संभावना है।
पंजाब में पारा 46 के पास
पंजाब में बठिंडा 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। लुधियाना, पटियाला और अमृतसर में भी लू चली। मौसम विभाग ने 28 और 29 मई को 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी, हल्की वर्षा और ओलावृष्टि का आरेंज अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ भी भीषण गर्मी की चपेट में है। अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान में पारा 45 के पार
मौसम विभाग ने हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 28 मई के बाद तेज हवाओं और वर्षा से राहत मिलने की संभावना जताई है। राजस्थान में मंगलवार को गर्मी का प्रकोप जारी रहा। हालांकि, सीकर में बारिश और ओलावृष्टि हुई। कोटा 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, अलवर और जैसलमेर समेत अधिकांश जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।





