मोदी के लाॅकडाउन पर पानी फेरती शिवराज सरकार

अनिल सिरवैयां
कोरोना वायरस को हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों पर मप्र की शिवराज सरकार पानी फेरती नजर आ रही है। वायरस की चैन तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने 14 अप्रैल तक देश को टोल लाॅकडाउन करने की बात कही है लेकिन मप्र सरकार के विभाग एक-एक करके आदेश जारी कर रहे हैं, जिससे लाॅकडाउन से छूट वालों की लिस्ट को लगातार लंबी होती जा रही है। विभागों के सचिव और विभागाध्यक्षों की ओर से कलेक्टरों को यह आदेश जारी किए जा रहे हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग 26 मार्च को एक आदेश जारी कर एक दर्ज से ज्यादा सेक्टर से जुड़े लोगों को लाॅकडाउन से छूट देने निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। विभाग के संचालक अविनाश लवानिया ने यह आदेश जारी किए हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि आगामी रबी उपार्जन को देखते हुए विभाग ने यह छूट दी है।
इन्हें दी गई लाॅकडाउन से छूट
– खाद्य विभाग, वेयर हाउसिंग कापोर्रेशन, सिविल सप्लाई कार्पोरेशन, विपणन संघ, सहकारी खरीदी समितियों, राशन दुकनों के अधिकारी-कर्मचारी, कम्प्यूटर आॅपरेटर। इसके अलावा इन उपक्रमों उप संचालक, सहायक संचालक, कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री, संभागीय एवं जिला अधिकारियों को छूट दी गई है।
– इसी प्रकार निजी वेयरहाउस संचालक, निजी कैप निर्माण उद्यमी, साइलो बैग उद्यमी, निवेशक, ठेकेदार, उनके प्रतिनिधि, उनके कर्मचारी भी लाॅकडाउन की व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे।
– इनके अलावा धर्मकांटा, रेत, गिट्टी, मुरम, सीमेंट, लोहा, साइलो बैग, ग्रेन काट, क्रेशर के ट्रांसपोर्ट की छूट रहेगी।
– केप निर्माण तथा साइलो बैग ठेकेदारों को लेबर/मजदूरों के साथ करने की अनुमति दी गई है।
– निर्माण सामग्री, रेत की खदानों, स्टोन क्रेशर, सीमंेट तथा अन्य सामग्री आदि की यूनिट को चालू रखने की अनुमति दी गई।

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