मुश्किल में ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे, कोर्ट ने दिया FIR का आदेश

राजस्थान की जोधपुर अदालत ने ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया है। उनके खिलाफ यह एफआईआर का आदेश ब्राह्मण विरोधी पोस्टर को लेकर दिया गया है।मुश्किल में ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे, कोर्ट ने दिया FIR का आदेश

गुरुवार को विप्र फाउंडेशन के युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने ब्राह्मण विरोधी पोस्ट शेयर करने के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसे स्थानीय अदालत ने स्वीकार कर लिया था। मेट्रोपॉलिटन जज रचन बिस्सा ने इससे जुड़ी याचिका को स्वीकार करते हुए इस पर 1 दिसंबर को सुनवाई का निर्णय लिया था। आज सुनवाई के दौरान अदालत ने जैक के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। 

जिस फोटो को लेकर विवाद शुरू हुआ उसमें जैक एक पोस्टर पकड़े हुए नजर आ रहे हैं। इस पोस्टर पर लिखा था ‘ब्राह्मण पितृसत्ता का नाश हो’। इस ब्राह्मण विरोधी पोस्टर को लेकर जैक डोरसे विवादों में घिर गए थे। इसे लेकर उनकी खूब आलोचना भी हुई और जाति विशेष का विरोध करने का आरोप लगा था।

यह फोटो जैक डोरसे के भारत दौरे के समय की है। इस फोटो में पत्रकार और महिला एक्टिविस्ट भी जैक के साथ नजर आ रही हैं। इस फोटो के सामने आने के बाद लोगों ने ट्विटर की जमकर आलोचना की।मामला तूल पकड़ता देख कंपनी को इस पर माफी भी मांगनी पड़ी थी।

ट्विटर ने अपने एक बयान में कहा था कि यह पोस्टर एक सदस्य की ओर से जैक को दिया गया था और इसका मतलब यह है कि कंपनी सभी लोगों की बातें सुनती है और अपने सभी यूजर्स का ख्याल रखती है। वहीं ट्विटर इंडिया ने भी एक बयान जारी करते हुए कहा था कि हाल ही में कंपनी ने महिला पत्रकारों के साथ एक इवेंट में हिस्सा लिया था ताकि लोगों को करीब से समझा जा सके। महिलाओं के इस समूह में से ही किसी महिला ने जैक के हाथ में यह पोस्टर थमा दिया।

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