मुजफ्फरनगर : शहीद के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, अंतिम दर्शन के लिए पहुंची बड़ी हस्तियां

मुजफ्फरनगर। जम्मू कश्मीर में शहीद हुए थल सेना के सिपाही और जनपद के लाल मोहित बालियान को आज हजारों नम आंखों के बीच भारत माता की जय और वंदेमातरम के जयघोष के बीच पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। उनके अंतिम संस्कार में केन्द्र और राज्य सरकार के मंत्रियों के अलावा डीएम व पुलिस के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

मोहित का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया, लेकिन उनकी अंतिम यात्रा गांव के बाहर से ही शुरू हो चुकी थी। जगह जगह पुष्प वर्षा की गयी। तिरंगे में लिपटे मोहित बालियान के अंतिम दर्शन करने के लिए आसपास के गांवों से हजारों लोगों की भीड़ यहां उमड़ी थी। परिजनों को मोहित बालियान के शव का लम्बा इंतजार करना पड़ा। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मंत्री कपिल देव अग्रवाल अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

जनपद के थाना भौराकलां क्षेत्र के गांव गढी नौआबाद निवासी मोहित बालियान पुत्र तारा सिंह गुरूवार की रात जम्मू कश्मीर के पुंछ राजौरी सैक्टर में शहीद हो गया था। शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे मोहित बालियान के बेस कैम्प राजौरी से उनके परिवार को फोन करते हुए मोहित के शहीद होने की सूचना दी गयी। 27 वर्षीय मोहित बालियान साल 2015 में सेना में भर्ती हुआ था।

वह सेना की राष्ट्रीय राइफल इकाई में सिपाही के पद पर कार्यरत था और वर्तमान में पुंछ राजौरी सैक्टर में तैनात था। इससे पहले मोहित बालियान की तैनाती राजस्थान के अलवर में पाकिस्तान बॉर्डर पर थी। मोहित बालियान के परिजनों में शुक्रवार की सुबह से ही कोहराम मचा हुआ था। मोहित अपने परिवार में छोटा था, उसका बड़ा भाई दिव्यांग हैं और एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। अविवाहित मोहित बालियान को लेकर परिजनों ने अनेक सपने संजाये थे। जनवरी में वह घर आया था। इसके बाद भी उसकी परिजनों से फोन पर बात होती रहती थी।

शुक्रवार से ही उसके शव का इंतजार किया जा रहा था। रविवार सुबह करीब छह बजे सैन्यकर्मी मोहित का शव लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचे। सैन्यकर्मी जब मोहित बालियान के शव को लेकर फुगाना पहुंचे तो यहां से ही ग्रामीणों की भीड़ ने शहीद जवान को श्रद्धासुमन अर्पित करने शुरू कर दिये थे। ग्रामीणों ने यहां पर तिरंगों से सजी ट्रैक्टर ट्राली पर शहीद जवान का तिरंगा से लिपटा शव रखा और भारत माता के जयघोष के बीच मोहित बालियान की अंतिम यात्रा उसके पैतृक गांव के लिए शुरू हुई।

रास्ते में हजारों ग्रामीणों का हुजूम इस शहीद जवान को अंतिम नमन करने के लिए जुटता चला गया। यहां पर शनिवार से ही पुलिस और प्रशासनिक अफसरों का जमावडा था, मोहित बालियान के अंतिम संस्कार की तैयारी एसपी देहात नेपाल सिंह ने स्वयं रहकर कराई थी। आज भी पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अफसर मौजूद रहे। गांव गढ़ी नौआबाद में मोहित बालियान के शव को उसके घर ले जाया गया, यहां पर परिजनों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों ने इस जवान को अंतिम दर्शन के साथ विदा किया। मोहित की बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।

मोहित बालियान के पार्थिव शरीर को गांव के बाहर भट्टे के पास खेत पर ले जाया गया, जहां पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। मोहित के बड़े भाई ने अंतिम क्रिया सम्पन्न कराई। इससे पूर्व यहां पर मोहित को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। यहां पर सवेरे से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला बन गया था।

केन्द्रय पशुपालन मत्स्य एवं डेयरी राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान, राज्य के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, डीएम सेल्वा कुमारी जे., एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एसपी देहात नेपाल सिंह, एसडीएम बुढ़ाना भूपेन्द्र कुमार सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भाजपा नेता के साथ ही हजारों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी रही।

मोहित बालियान के अंतिम संस्कार में राष्ट्रवाद की भावना और लोगों में शहीद के प्रति प्रेमभाव का जज्बा हर बंदिश पर भारी पड़ा। लॉक डाउन होने और कोविड गाइडलाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंस की शर्त होने का प्रभाव भी भीड़ को नहीं रोक पाया। लोगों ने अपने शहीद जवान को फूलों की बारिश के साथ स्वागत किया।

केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद डा. संजीव बालियान ने हमेशा ही सुख दुख की घड़ी में खुद को लोगों के नजदीक रखने का प्रयास किया है। गढी नौआबाद के जवान मोहित बालियान की शहादत से भी वह आहत नजर आये। आज जब शहीद मोहित के शव के आने की सूचना उनको मिली तो वह सवेरे ही गांव में मोहित के परिजनों के बीच खड़े दिखाई दिये, जबकि वह इस समय क्वारंटाइन में चल रहे है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अतुल गर्ग के कोरोना पॉजीटिव आने के बाद 19 अगस्त को डा. संजीव बालियान ने खुद को क्वाइरंटाइन कर लिया था। वह दिल्ली जाते समय मंत्री अतुल गर्ग के गाजियाबाद आवास पर रूके थे और उनके साथ भोजन किया था।

आज केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान उस युवा सैनिक के अंतिम संस्कार में गमगीन थे, जिस युवक को सेना में नौकरी का अवसर उनके ही प्रयास से मिल पाया था। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान जब 2014 में जब सांसद निर्वाचित होने के बाद केन्द्र में मंत्री बने तो उन्होंने मुजफ्फरनगर में सैन्य भर्ती के प्रयास किये, उनके प्रयासों से यहां वर्ष 2015 में पहली भर्ती हुई। इसके बाद 2017 और 2018 में भी सैन्य भर्ती का आयोजन किया गया।

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