मुखिया दिखा रहे एकजुटता, नेताओं के बीच बड़ी तकरार

बिहार में महागठबंधन के अंदर जहां मुखिया एकजुटता की अपील कर रहे हैं, वहीं नेताओं और प्रवक्ताओं के बीच बयानबाजी का तीखापन बढ़ता जा रहा है। जदयू नेता आरसीपी सिंह के बेनामी संपत्ति पर दिए बयान के बाद राजद नेता बीरेंद्र और जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह के बीच बयानबाजी गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व को असहज कर रहा है।
जदयू का नेतृत्व तो इस मामले में खामोश है, लेकिन राजद और कांग्रेस ने इसे गंभीरता से लिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने जहां इन बयानबाजी को गठबंधन के खिलाफ बताया है, वही राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने इसका ठीकरा मीडिया के ऊपर ही फोड़ा है।
इधर, इस पूरे मामले पर भाजपा के प्रवक्ता संजय टाइगर ने महागठबंधन के अंदर चल रहे बयानबाजी को ध्यान भटकाने वाला बताया।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों नीतीश के करीबी माने जाने वाले जदयू नेता आरसीपी सिंह ने लालू प्रसाद पर लगे आरोपों से किनारा किया था। सिंह ने जदयू को वंशवाद का विरोधी भी बताते हुए कहा कि बेनामी संपत्ति के मामले में हमारा स्टैंड पूरी तरह साफ है। केंद्र सरकार को ऐसे मामलों में कार्रवाई करनी चाहिए।
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इस बयान के बाद वीरेंद्र ने आरसीपी सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। राजद नेता वीरेंद्र ने कहा आरसीपी सिंह खुद भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी रहे हैं।
उनके कारनामों की पोटली खुलेगी तो बचना मुश्किल हो जाएगा। जदयू कभी भी राजद को कमजोर समझने की भूल न करें। राजद नेता के इस बयान पर जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने पलटवार करते हुए उनको महागठबंधन में संपोला करार दे दिया। महागठबंधन को नीतीश कुमार के चेहरे पर ही जीत मिली। इस बात को राजद न भूले।





