माली में संयुक्त राष्ट्र बेस पर हुआ बड़ा आतंकी हमला, 10 सैनिकों की मौत 25 घायल

माली के उत्तरी इलाके में स्थित संयुक्त राष्ट्र के बेस पर बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में चाड के 10 शांति सैनिक मारे गए, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस हमले के पीछे आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े इस्लामिक ग्रुप का हाथ है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।
गुटेरेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि माली की जनता और सरकार द्वारा देश में शांति और स्थिरता के प्रयासों को जो समर्थन संयुक्त राष्ट्र दे रहा है, उस संकल्प को इस तरह के कृत्य खत्म नहीं कर सकते।
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के बेस पर यह हमला मंगलवार को हुआ। बताया जा रहा है कि हमलावर कार और बाइक पर सवार होकर संयुक्त राष्ट्र के कैंप पर पहुंचे और हमला शुरू कर दिया। रविवार सुबह हुए हमले में अल्जीरिया सीमा के नजदीक स्थित ओलहॉक बेस को निशाना बनाया गया। अचानक हुए इस हमले में चाड के 10 शांति सैनिकों की मौत हो गई।
गौरतलब है कि शांति मिशन के तरह माली में संयुक्त राष्ट्र के 13 हजार लोग कार्यरत हैं। पिछले साल अप्रैल में भी इसी बेस पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें दो संयुक्त राष्ट्र कर्मी मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र ने उत्तरी माली में शांति मिशन तब शुरू किया था, जब आतंकियों ने 2012 में यहां पर कब्जा कर लिया था। 2013 में उन्हें फ्रांस की सेना ने खदेड़ फेंका था। इस बीच आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े इस्लामिक ग्रुप ने माली में संयुक्त राष्ट्र बेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी संगठन का कहना है कि यह हमला चाड के राष्ट्रपति द्वारा इजरायल के साथ राजनयिक संबंधों को पुनः प्रवर्तन करने की प्रतिक्रिया है।





