मानसून ने फिर भरी रफ्तार: दिल्ली, यूपी और हरियाणा में भारी बारिश

 राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दो अलग-अलग निम्न दबाव (लो-प्रेशर) के क्षेत्रों ने मानसून को फिर से मजबूती दे दी है। साथ ही पहाड़ों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है।

इन तीनों मौसम प्रणालियों के असर से अगले दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

बंगाल की खाड़ी और राजस्थान के सिस्टम एक-दूसरे को मजबूती दे रहे हैं, जिससे उत्तर भारत में नमी की आपूर्ति बढ़ने वाली है और वर्षा का दायरा विस्तृत होगा। आईएमडी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, बादल फटने और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा भी बढ़ गया है। देशभर में अभी तक सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दोनों सक्रिय निम्न दबाव प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों में वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे ओडिशा के तट के पास बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। सोमवार तक यह और मजबूत हो जाएगा। इसके बाद पारादीप एवं सागर द्वीप के बीच ओडिशा और बंगाल तट को पार कर आगे बढ़ने की संभावना है।

ओडिशा एवं झारखंड में बारिश का अनुमान

इसके प्रभाव से ओडिशा एवं झारखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। बंगाल के गंगीय हिस्से में भी बहुत भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।

दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर पहले से सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार अरब सागर से नमी खींच रहा है। यही कारण है कि पश्चिमी और मध्य भारत में भी मानसून फिर से सक्रिय होने लगा है। उत्तर में इसका असर सोमवार से अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगेगा।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान

दिल्ली, पूर्वी हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। बिहार के आंतरिक हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि बिहार में अधिकांश स्थानों पर रुक-रुक कर होने वाली वर्षा का ही असर अधिक रहेगा।

पश्चिम में पहाड़ों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमाचल और उत्तराखंड में लगातार तेज बारिश का दौर बना रह सकता है। 28 जुलाई को हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भारी बारिश की संभावना है।

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बादल फटने का खतरा

विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, बादल फटने, सड़कें बंद होने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राजस्थान के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान अच्छी बारिश होगी। मध्य प्रदेश में भी वर्षा की गतिविधियां तेज रहेंगी।

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