मांसपेशि‍यों के खिंचाव से ऐसे पाएं निजात, ये हो सकते हैं कारण

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जयपुर। राहुल हंस रहा था कि अचानक उसकी गर्दन की मांसपेशी अकड़ गईं जो कुछ देर बाद ठीक हुई। ऐसा अब उसके साथ अक्सर होता है। गर्दन व कमर की मांसपेशी और पैरों की पिंडलियों में क्रैम्प (खिंचाव व अकडऩ) अक्सर राहुल को आ रहे हैं। इस समस्या से बच्चे, युवा व बुजुर्ग सभी परेशान हैं। जानें इसके बारे में- 

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हो सकते हैं कई प्रमुख कारण 

डिहाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी समस्या की प्रमुख वजह है। कम पानी पीने व ज्यादा गर्मी में कार्य या मेहनत करने वालों की नसों में नमी की कमी खिंचाव पैदा करती है। 

विटामिन की कमी : शरीर में विटामिन ‘बी’ व ‘डी’ की कमी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इस कारण चलने, बैठने व उठने के दौरान क्रैम्प होता है।  

कमजोर लीवर : शरीर में असंतुलित तरल का विभाजन न होने से क्रैम्प आते हैं जैसे लीवर के क्षतिग्रस्त होने पर पेट में पानी भरता है व मांसपेशी में पानी की कमी से क्रैम्प आने लगते है। 

कमजोर लीवर : शरीर में असंतुलित तरल का विभाजन न होने से क्रैम्प आते हैं जैसे लीवर के क्षतिग्रस्त होने पर पेट में पानी भरता है व मांसपेशी में पानी की कमी से क्रैम्प आने लगते है। 
 
कम मात्रा में पोटेशियम : रक्त में पोटेशियम की कमी से भी मांसपेशियों में कै्रम्प आते हैं। यूरिन संबंधी दिक्कत व मधुमेह रोगियों में दवाओं के कारण पोटेशियम की कमी हो जाती है जिससे परेशानी बढ़ती है। 

दवाएं भी एक वजह 

कई दवाएं क्रैम्प का कारण होती हैं। इनमें यूरिन में समस्या की दवा, अल्जाइमर,  ओस्टियोपोरोसिस,  पार्किन्सन, ब्लड प्रेशर और  अस्थमा के इलाज के लिए ली जाने वाली दवा खास हैं

हृदय की कमजोरी

हृदय की कमजोरी के कारण मसल्स को सही मात्रा में रक्त नहीं मिलता। 

बचाव और उपचार  – स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें, रोजाना सुबह  उठकर जैसे कि सभी पशु भी करते हैं।

– ज्यादा मात्रा में पानी पीएं ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हो सके। 

– लीवर की समस्या हो तो उपचार लें ताकि असंतुलित तरल के विभाजन को रोक सकें।  

– कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर भोजन लें जैसे- कैला, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, अंकुरित अनाज आदि।

– विटामिन ‘ई’ से भरपूर आहार लेने से भी क्रैम्प में कमी आती है।

– यदि आप क्रैम्प कम करने की दवा लेते हैं तो उसे छोडऩे या बदलने की कोशिश करें। धूप स्नान (सन बाथ) करें ताकि विटामिन ‘डी’ की कमी न रहे।

– हृदय की कमजोरी दूर करने के लिए अश्वगंधा, पीपल के पत्ते व शहद आदि लें।

डॉ. अबरार अहमद आयुर्वेद विशेषज्ञ, भोपाल

 

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