महिला दारोगा अनु तोमर को केंद्रीय गृह मंत्री का पदक, 1 साल के अन्दर दुष्कर्मियों को दिलाई सजा

बागपत के बड़ौत की निवासी महिला उपनिरीक्षक अनु तोमर को रविवार को गृह मंत्री के पदक से सम्मानित किया गया। अनु तोमर ने दुष्कर्मी को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। तोमर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गृह मंत्री का पदक प्रदान किया।

अनु तोमर ने दुष्कर्मी के खिलाफ तेजी से जांच पड़ताल करते हुए एक साल के अंदर ही उसे सजा भी दिला दी। उनकी कार्यशैली से खुश होकर भारत सरकार ने उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री पदक से सम्मानित किया है। पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस पर हुए समारोह में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अनु को यह पदक दिया तो वह पंडाल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।
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उपनिरीक्षक अनु इस समय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में महिला सहायता प्रकोष्ठ की प्रभारी हैं। करीब तीन वर्ष पहले वह बिजनौर जिले के धामपुर थाने में तैनात थीं। वहां एक किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई, जिसकी विवेचना अनु तोमर को मिली। उन्होंने विवेचना मिलते ही दुष्कर्मी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इसके साथ ही तेजी से विवेचना की और सालभर के अंदर ही दुष्कर्मी को सजा भी दिला दी। इस मामले में उनकी जांच को पुलिस महकमे में उनकी खूब वाहवाही मिली। पुलिस के आला अफसरों ने भी उनके इस कार्य की प्रशंसा की और भारत सरकार से उन्हें पुरस्कार दिलाने के लिए सिफारिश की।
इस पर उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से अन्वेषण में उत्कृष्टता केंद्रीय गृहमंत्री पदक प्रदान किया गया। पुलिस लाइन में हुए समारोह में केंद्रीय मंत्री नकवी के हाथों से पुरस्कार पाकर वह गदगद हो गईं। पदक प्राप्त करने के बाद अनु तोमर ने कहा कि मैं प्रण करती हूं कि महिलाओं के साथ अपराध करने वालों को आगे भी तत्परता से सजा दिलाने का प्रयास करती रहूंगी। केंद्रीय गृहमंत्री पदक मिलने पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा समेत तमाम पुलिस अफसरों ने मुबारकबाद दी। वह मूल रूप से बागपत जिले की निवासी हैं। उनके पति शरद पवार भी दारोगा हैं। इस समय वह एसपी के पीआरओ हैं।





