मनोहर लाल के साथ बैठक के बाद कहा कि उनकी सरकार नशे के खिलाफ अभियान के लिए प्रतिबद्ध….

पंजाब व हरियाणा नशे के खिलाफ लड़ाई मिलकर लड़ेंगे। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शुक्रवार को बैठक कर नशे के खिलाफ लड़ाई में और अधिक समन्वय पर चर्चा की। साथ ही 25 जुलाई को सभी उत्तरी राज्यों की अंतर-राज्यीय बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी। बैठक की मेजबानी पंजाब करेगा।यह जानकारी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात के बाद दी।

बैठक में हरियाणा और पंजाब के अलावा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल, दिल्ली के उपराज्यपाल और चंडीगढ़ प्रशासक के शामिल होने की उम्मीद है। नशे के खिलाफ पहली बैठक पिछले साल अप्रैल में हुई थी। उत्तरी राज्यों ने तब पंचकूला (हरियाणा) में एक केंद्रीकृत सचिवालय स्थापित करने का फैसला किया था।

इस बैठक में राज्यों ने एक संयुक्त मंच पर नशे के खिलाफ लड़ने के लिए अधिक सक्रिय अभियान पर भी सहमति व्यक्त की थी। जिसमें नशा तस्करों, दर्ज किए गए मामलों और पहचान किए गए या गिरफ्तार किए गए लोगों की सूचनाओं को तेजी से साझा किया गया था। कैप्टन अमरिंदर ने

मनोहर लाल के साथ बैठक के बाद कहा कि उनकी सरकार नशे के खिलाफ अभियान के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब में न केवल पाकिस्तान से बल्कि देश के भीतर, विशेषकर कश्मीर से भी नशा तस्करी की जा रही थी। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। इससे पहले, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कैप्टन अमरिंदर का स्वागत किया और उन्हें भगवद्गीता और स्मृति चिन्ह भेंंट किया।

Back to top button