मंदिर परिसर में श्री महाकालेश्वर के स्वरूप का पूजन करने के लिए उमड़ा पड़ा जनसैलाब

 भाद्रपद मास के सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर की शाही सवारी निकाली गई। भगवान श्री महाकाल के विभिन्न मुघौटों को सवारी में शामिल किया गया। मंदिर परिसर में श्री महाकालेश्वर के स्वरूप का पूजन करने के बाद विधिवततौर पर श्री महाकालेश्वर के मुघौटों को चांदी की पालकी में विराजित किया गया।

इसके बाद बाबा महाकाल शाही लवाजमे के साथ नगर भ्रमण पर निकले। कहारों ने पालकी को अपने हाथों में उठा रखा था। पालकी के दर्शनों के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। आज निकाली गई सवारी काफी लंबी थी। सवारी में बाबा श्री महाकालेश्वर के भक्त विविध प्रकार के स्वांग रचते हुए शामिल हुए। तो दूसरी ओर मलखंब खिलाड़ी अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए शामिल हुए।

चांदी की पालकी को फूलों से आकर्षक अंदाज में सजाया गया। भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में विभिन्न स्वरूपों को शामिल किया गया। जिसमें चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश तथा रथ पर होलकर व सप्तधान स्वरूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे।

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