भारत में 14 सालों से रह रहा रूसी नागर‌िक खेती करने को मजबूर, जान‌िए क्यों?

प‌िछले 14 सालों से भारत में रह रहे रूसी नाग‌र‌िक के साथ आख‌‌िर ऐसा क्या हो गया जो वह यहां आकर खेती करने लगा। चल‌िए जानते हैं इस नागर‌िक की पूरी कहानी…
भारत में 14 सालों से रह रहा रूसी नागर‌िक खेती करने को मजबूर, जान‌िए क्यों?
 

दरअसल, हाल ही में पुल‌िस ने उत्तराखंड से एक रूसी पर्यटक को संद‌िग्‍ध मानकर ग‌िरफ्तार कर ल‌िया था। क्यों‌क‌ि वह यहां पर ब‌िना वीजा और पासपोर्ट के रह रहा था। 

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इसके बाद उसने पुलिस को बताया क‌ि 1991 में रूसी मूल का सग्वेर्ज रज्जाजेव भारत घूमने आया था। उसके पास वर्ष 2003 तक का वैध वीजा और पासपोर्ट था। पहले वह वृंदावन और हिमाचल प्रदेश में रहा। 
 

2003 में उसका वीजा और पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो गई। लेक‌िन इसके बाद उसने काफी द‌िनों बाद एक दूसरे रूसी नागर‌ि‌क की मदद से एक अमेर‌िकी कंपनी के द्वारा अपना पासपोर्ट हास‌िल क‌र ल‌िया। तब से वह यहीं रह रहा है। 
 

कुछ समय पहले वह डामटा पहुंचा। यहां आमदनी के लिए यमुना नदी के किनारे ग्रामीणों की छानियों में रहने लगा। लेक‌िन भूख लगने पर खाने के ल‌िए पैसे नहीं थे। इसल‌िए लोगों को देखकर उसने भी सब्ज‌ियां उगानी शुरु कर दी। 
 
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