‘भगत सिंह की फांसी से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करे सरकार’

yadvendra_singh_bhp_2015101_95954_01_10_2015भोपाल। ‘केंद्र सरकार अमर शहीद भगत सिंह की फांसी से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करे। इन दस्तावेजों में उन देशद्रोहियों की गवाही भी शामिल है, जिनके आधार पर भगत सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। इनके सार्वजनिक होने से उन देशद्रोहियों के नाम देश की जनता के सामने आएंगे। इन देशद्रोहियों की पीढ़ियां अंग्रेजों के जमाने से ही उच्च पदों पर आसीन रही हैं।’

यह बात बुधवार को भगत सिंह के पोते यादवेंद्र सिंह ने नवदुनिया संवाददाता से चर्चा में कही। वे यहां शहीद भगत सिंह जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। यादवेंद्र शहीद भगत सिंह के सगे भाई कुलवीर सिंह के पोते हैं। यादवेंद्र ने कहा कि यह बेहद दुख की बात है कि कुछ स्कूल व कॉलेजों के पाठ्यक्रम में भगत सिंह सहित कई क्रांतिकारियों की छवि आतंकवादियों के रूप में पेश की जा रही है।

यह आजादी के परवानों का अपमान है। वे मप्र सरकार से मांग करते हैं कि वह भगत सिंह समेत अन्य शहीदों की जीवनी स्कूल और कॉलेजों में शामिल करे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करनी चाहिए।

सिंह ने कहा कि वे दस्तावेजों को सार्वजनिक कराने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिल चुके हैं। उन्होंने फाइलों के खुलासे पर रजामंदी दी है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भी फाइलों के जल्द खुलासे पर चर्चा करेंगे।

शहीदों की सूची तैयार करे सरकार

उन्होंने कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि वर्ष 1857 से 1947 तक आजादी की लड़ाई लड़ने वाले शहीदों की सूची तैयार की जाए, जिससे उन्हें शहीद का दर्जा मिल सके। उन्होंने बताया कि शहीद भगत सिंह लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। सरकार ने भले ही उन्हें भूला दिया हो, लेकिन करोड़ों लोग उनका अनुसरण करते हैं।

फांसी के बाद की गई थी जासूसी

उन्होंने बताया कि शहीद भगत सिंह की फांसी के बाद पूरे परिवार की जासूसी की गई थी। हमारे परविार वाले किससे मिल रहे हैं, कहां जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं? इन सबकी जानकारी रखी जाती थी। खाकी वर्दी के लोग हमारे कहीं भी आने-जाने पर खासी निगाह रखते थे।

कुछ अनजान लोग भी शहीद भगत सिंह पर रिसर्च के बहाने घर आया-जाया करते थे। फिर उनका कुछ पता नहीं चलता था। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि पता नहीं अब भी जासूसी की जा रही हो। सिंह ने बताया कि शहीद भगत सिंह ब्रिगेड की स्थापना कर शहीदों को उनका हक दिलाए जाने की मांग सरकार से लगातार की जा रही है।

 
 
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