बिहार : तीन सालों में बदल जाएगी पटना की तस्वीर, ग्रेटर पटना का ब्लूप्रिंट तैयार

पटना। ग्रेटर पटना बनाने का काम तीन सालों में पूरा हो जाएगा, इसको लेकर ब्लू प्रिंट का प्रशासनिक खाका तैयार कर लिया गया है। राजधानी के 7 प्रखंडों के 2600 एकड़ भूमि ग्रेटर पटना का हिस्सा बनेगी। इस योजना से करीब 500 गांव लाभान्वित होंगे, जबकि 16 लाख 81 हजार जनसंख्या को विशेष तौर पर लाभ होगा। आने वाले तीन सालों में ग्रेटर पटना की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके प्रथम चरण में यातायात की सुविधाएं और सुगम होंगी, उसके बाद आवासीय क्षेत्रों को भी विकसित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ग्रेटर पटना के इलाके का मुआयना कर अधिकारियों को समुचित निर्देश दिए। ग्रेटर पटना में सबसे अधिक इलाका मनेर प्रखंड का होगा। इस प्रखंड की 480 एकड़ भूमि ग्रेटर पटना के हिस्से में जाएगी, जिसमें 49 गांव सम्मिलित होंगे। दूसरे नंबर पर बिहटा प्रखंड होगा, जिसकी 477 एकड़ भूमि इस क्षेत्र में आएगी। इस प्रखंड के 100 गांव इससे लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार नौबतपुर की 430 एकड़, बिक्रम की 362 एकड़, दानापुर की 360 एकड़,  फुलवारीशरीफ की 291 एकड़ तथा संपतचक की 198 एकड़ भूमि ग्रेटर पटना में शामिल होगी। इस ब्लू प्रिंट का सबसे अधिक नौबतपुर प्रखंड के 109 गांवों को बड़ा फायदा होगा। इन प्रखंडों में 16 लाख 81 हजार 341 लोग रह रहे हैं, जिन्हें ग्रेटर पटना का सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

भविष्य में ग्रेटर पटना का विस्तार फतुहा, दुल्हिन बाजार, पालीगंज तक करने की कार्य योजना है लेकिन यह दूसरे चरण में होगा। वैसे तो ग्रेटर पटना में बिहटा, नौबतपुर, शिवाला, नेउरा, सदिसोपुर के अलावा कन्हौली एक ऐसा प्वाइंट होगा, जो भविष्य में सबसे अधिक विकसित होने की उम्मीद है। क्योंकि यह पटना के रिंग रोड के बीच का हिस्सा होगा। ग्रेटर पटना का सबसे महत्वपूर्ण परियोजना दानापुर से बिहटा तक एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा। इस सड़क का डीपीआर लगभग तैयार हो गया है। जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होगा।

इस संदर्भ में अधिकारियों की मानें तो अगले 4 सालों में इस सड़क को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। एलिवेटेड रोड हो जाने से दानापुर से बिहटा तक का सफर महज 20 मिनट में तय किया जा सकेगा। पटना रिंग रोड का एक हिस्सा लगभग बनकर तैयार हो गया है। दूसरे हिस्सा का ले-आउट तैयार करने का काम शुरू हो गया है। दनियावां से कन्हौली तक तथा कन्हौली से शेरपुर होते हुए दनियावां तक सड़क रिंग रोड के रूप में होगी। इससे पटना शहर के दोनों हिस्से से वाहन निकल सकते हैं। कन्हौली से उत्तर दिशा में दिघवारा, जहां नया पुल बनाया जा रहा है। दिघवारा से पूरब होते हुए सड़क संबलपुर चली जाएगी। फिर संबलपुर से दनियावां में सड़क मिल जाएगी। इस प्रकार रिंग रोड बनने से भारी वाहनों को कन्हौली से दोनों तरफ से वाहनों को निकलने का रास्ता मिल जाएगा। इस तरह से ग्रेटर पटना के तैयार हो जाने के बाद पटना एक विकसित और भव्य शहर के रुप में अपनी पहचान कायम कर लेगा। हलांकि पटना और बिहार का इतिहास अपने आप में गौरवशाली है।

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