बिहार के सॉल्वर गैंग ने कानपुर में भी जमा ली जड़ें, नौकरी दिलाने का लेते हैं ठेका

बिहार में बदले क्राइम के ट्रेंड का असर शहर में दिखने लगा है। बिहार के सॉल्वर गैंग ने कानपुर में भी जड़ें जमा ली हैं। शहर में बीते दिनों 50 से ज्यादा सॉल्वर और अभ्यर्थियों का एसटीएफ के हाथ लगना इसका सुबूत है। वहीं, इनसे जुड़े लोगों को पकडऩे में स्थानीय पुलिस निष्क्रिय रही। इसका नतीजा रहा कि अधिकतर लोगों की जमानत हो गई। बिहार का साल्वर गैंग शहर में स्थानीय लोगों की मदद से नेटवर्क खड़ा कर सेना व पीएसी भर्ती और इंजीनियङ्क्षरग से मेडिकल कालेज तक में प्रवेश दिलाने का ठेका ले रहा है।
एसटीएफ प्रभारी घनश्याम यादव के मुताबिक सॉल्वर गैंग को नौकरी या प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे युवक-छात्र आसानी से मिल रहे हैं। दो से चार लाख रुपये में परीक्षा और 10 से 15 लाख रुपये में नौकरी दिलाने का दावा करके धोखाधड़ी का धंधा चल रहा है। इस नेटवर्क में बिहार से लेकर यूपी और दिल्ली के बड़े कोचिंग संचालकों के शामिल होने के सुबूत मिले हैं। इनकी मदद कुछ फोटो स्टूडियो और फोटो कॉपी दुकानदार कर रहे हैं। ये एजेंट के माध्यम से अभ्यर्थियों को साल्वर उपलब्ध करा रहे हैं। गिरोह की धरपकड़ के लिए टीम लगी है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कुछ नहीं किया
-28 जनवरी 2019 को चकेरी में पुलिस भर्ती में बिहार के विशाल और पुरुषोत्तम को गिरफ्तार किया गया।
– 20 जनवरी 2019 में उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ की केंद्रीकृत भर्ती ग्रुप डी परीक्षा में अमित उर्फ राहुल व अभिनव को पकड़ा गया। सरगना और असली परीक्षार्थी का पता नहीं।
-आठ दिसंबर 2018 में कल्याणपुर में रेलवे भर्ती ग्रुप-डी परीक्षा देने आए प्रयागराज के राहुल कुमार, सुपौल बिहार के सॉल्वर महेश यादव, प्रवेश यादव व सुनील कुमार, ललित कुमार, नालंदा बिहार के अजय कुमार और विकास कुमार गिरफ्तार। मुख्य सरगना पटना के महेंद्रू पोस्ट ऑफिस के रंजीत यादव व गुड्डू यादव का कोई सुराग नहीं।
– 17 दिसंबर 2018 को कल्याणपुर में ही मधुबनी बिहार के दुर्गेश कुमार, औरंगाबाद के नीतीश कुमार और प्रयागराज के राजेश कुमार गिरफ्तार, सरगना फरार।
– 30 अक्टूबर 2018 को रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा (ग्रुप-डी) की परीक्षा में मंधना से अरवल करपी का सॉल्वर कौशल किशोर मंडल गिरफ्तार, पटना का सरगना शैलेश कुमार फरार।
– 9 अगस्त 2016 कानपुर (आइटीबीपी) में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की सिपाही भर्ती में मेडिकल में फिट घोषित करने के नाम पर राजस्थान सीकर निवासी डॉ. सुरेंद्र व रामनिवास गिरफ्तार। जितेंद्र गोदारा अभी तक नहीं पकड़ा गया। थाने से दर्जन भर अभ्यर्थियों को बिना सॉल्वर गैंग की जानकारी जुटाए थाने से छोड़ दिया गया।
– अप्रैल 2016 में 37वीं वाहिनी पीएसी मैदान में भर्ती में 22 अप्रैल को फीरोजाबाद का मनीष, 28 अप्रैल फीरोजाबाद का गौरव कुमार, 30 अप्रैल को हिम्मतपुर का सोनू, फीरोजाबाद का विनय कुमार, 2 मई को फीरोजाबाद का चंद्रपाल, 9 मई को आगरा का बृजेश व आकाश कुमार, 12 मई को फीरोजाबाद का सतीश यादव व आगरा के साहिब सिंह समेत 13 लोग पकड़े गए। चकेरी में आठ मामले दर्ज हुए, लेकिन जांच में कोई प्रगति नहीं।





