बिजली के उपकरणों में आग लगने की हालत में उन पर पानी न डालें केवल अग्निशमन उपकरण से उस आग पर पाएं काबू

इंडस्ट्रीज के हब लुधियाना में ऐसी औद्योगिक इकाइयों की कमी नहीं है, जहां फायर सेफ्टी के नियमों को नजर अंदाज न किया जाता हो। यही कारण है कि आए दिन होने वाली आगजनी की घटनाओं में न केवल करोड़ों रुपये की संपत्ति खाक हो जाती है, बल्कि ऐसी घटनाओं में कई लोगों को अपनी बेशकीमती जान से भी हाथ धोना पड़ता है, मगर उन सबके बीच कुछ ऐसी इकाइयां भी हैं, जहां आग की घटनाओं से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन इकाइयों के मालिक अपनी संपत्ति के साथ वहां काम करने वाले मजदूरों की जान को लेकर भी सजग हैं।

‘दैनिक जागरण’ की मुहिम लपटों पर जिंदगी, बदइंतजामी की इंतहा से प्रभावित हो फोकल प्वाइंट फेस-6 स्थित किंग एक्सपोर्ट में मॉक ड्रिल किया गया, जिसमें एक्सप‌र्ट्स ने वहां काम करने वाले मजदूरों को आग लगने पर बचाव संबंधी टिप्स बताए। इंडस्ट्रीज के हरप्रीत, त्यागी, राओ, अभिषेक और इलेक्ट्रिकल एक्सप‌र्ट्स की देख रेख में करीब 100 मजदूर परिसर में एकत्रित हुए। जहां सबसे पहले उन्हें अग्निशमन उपकरण का इस्तेमाल करने संबंधी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आग लगने की सूरत में सिलेंडर और उसके पाइप को कैसे पकड़ कर चलाना चाहिए।

बिजली के उपकरणों में आग लगने की हालत में उन पर पानी न डालें, केवल अग्निशमन उपकरण से उस आग पर काबू पाएं। दूसरे नंबर पर उन्हें फायर बॉल के उपयोग संबंधी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कैसे इमारत के अंदर का टेंपरेचर 70 डिग्री से ऊपर जाते ही वो फायर बॉल अपने आप फट कर आग बुझाने का काम करते हैं। अंत में उन्हें वाटर हाईड्रेंट चलाने संबंधी ट्रेनिंग दी गई। एक्सप‌र्ट्स ने बताया कि आपातकालीन हालात में कैसे आपा खोए बगैर वाटर हाईड्रेंट के साथ हॉज पाइप को जोड़ा जाता है, और उससे कैसे आग पर काबू पाने में मदद ली जा सकती है।

आग लगने वाले हालात में संयम बनाए रखें

अंत में वर्करों को बताया गया कि आग लगने की हालत में हड़बड़ी वाले हालात पैदा न करें और संयम बनाए रखें। अगर आग व धुएं में फंस जाएं तो नाक और मुंह पर कपड़ा रखें। बाहर जाने का रास्ता नजर न आए तो फर्श पर उलटे मुंह लेट जाएं। फायर ब्रिगेड टीम के आने का इंतजार करें। क्योंकि आग बुझाने के लिए आई फायर ब्रिगेड टीम बिल्डिंग के हरेक कोने में जाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालती है।

हर छह महीने में स्टाफ को दी जाती है ट्रेनिंग

किंग एक्सपोर्ट के डायरेक्टर मदन लाल गाेयल का कहना है कि हमारे यहां बड़े वाटर टैंक के अलावा 8 वाटर हाईड्रेंट प्वाइंट्स हैं। पूरे परिसर में 40 अग्निशमन उपकरण और 70 फायर बॉल हैं। फैक्ट्री में चार फायर ट्रेंड एक्सपर्ट हैं। इसके अलावा हर छह महीने बाद फायर सेफ्टी एक्सपर्ट टीम को बुला कर फैक्ट्री स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाती है। यहां काम करने वाले वर्करों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।

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