बाराबंकी: बाढ़ में डूबने लगा बेटा, बचाने के प्रयास में पिता की मौत

बाराबंकी। बाढ़ के पानी में डूबते पुत्र को बचाने के प्रयास में पिता की डूब कर मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों के प्रयास से एक घंटे बाद शव को पानी से बाहर निकाला जा सका। पीएससी कर्मियों की लापरवाही से नराज बाढ़ पीड़ितों ने तटबंध पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रशासन के घंटों मशक्कत के बाद शव को पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।

जानकारी के अनुसार मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बॉसूपुर मजरे बतनेरा निवासी श्याम बिहारी यादव का पुत्र 12 वर्षीय पुत्र अंगद तटबंध के किनारे बाढ़ के पानी में डूबने लगा। डूबते पुत्र को देख पिता ने भी पानी में छलांग लगा दी। पानी अधिक होने के चलते पिता-पुत्र दोनों डूबने लगे। कुछ दूर तटबंध पर बैठे सरसंडा के रामकिशोर अवस्थी ने शोर मचाना शुरु कर दिया और बेटी सवित्री को तटबंध के दूसरे छोर पर बैठी पीएससी को बुलाकर लाने की बात कही।

बेटी जब पीएससी को बुलाने गई, तो पीएससी के जवानों ने मोटर वोट के इंजन में तेल न होने की बात कहकर उसे वापस भेज दिया। रामकिशोर के शोर को सूनकर कुछ लोग पानी में कूद गए और अंगद को बाहर तो निकल लिया। श्याम बिहारी के शव को बाढ़ पानीयुक्त कीचड़ से निकलने में करीब एक घंटे लग गए। लोगों के रोष को देखते हुए पीएससी के जवान मोटर वोट लेकर के नीचें विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सूचना के करीब एक घंटे बाद रामनगर तहसीलदार रामदेव निषाद व लालपुर चौकी इंचार्ज राजकिशोर दुबे भी घटनास्थल पर पहुंचे।

आक्रोशित बाढ़ पीड़ितों को समझने का प्रयास परिजनों व बाढ़ पीड़ितों को दैवीय आपदा का लाभ व पीएससी जवानों के खिलाफ कार्यवाही की जाए बात कही। परन्तु प्रदर्शन कर लोगों ने अधिकारियों की एक भी बात नहीं सूनी। करीब दो घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंचे उपजिलाधिकारी जितेंद्र कटियार ने मृतक की पत्नी लज्जावती व बड़ें बेटे सुशील को समझा बुझा कर व दैवीय आपदा का लाभ दिलाने व दोषियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की बात पर परिजन शव के पीएम के लिए तैयार हुए।

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