बाबा अमरनाथ यात्रा के दौरान आपदा की स्थिति से निपटने के लिए 11 माउंटेन रेसक्यू टीमें तैनात होगी

 बाबा अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस की 11 माउंटेन रेसक्यू टीमों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा चार एनडीआरएफ की टीमों को भी तैनात किया जाएगा। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक में दी।

राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रामण्यम की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाबा अमरनाथ यात्रा के प्रबंधों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने बाबा अमरनाथ यात्रा के दौरान बरते जाने वाले सुरक्षा प्रबंधों, सुविधाओं से लेकर यात्रा के सभी प्रबंधों की विस्तार से समीक्षा की।

जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बालटाल, चंदनवाड़ी रूटों पर सुरक्षा की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जम्मू और कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नरों से कहा कि कठुआ, सांबा, ऊधमपुर, जम्मू, रामबन, बालटाल और चंदनवाड़ी कैंपों में प्रबंधों की निगरानी की जाए। अगर जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी समय भूस्खलन होता है तो इस दौरान ऊधमपुर-रामबन-बनिहाल के बीच श्रद्धालुओं को ठहराने के प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि अगर भूस्खलन के कारण जम्मू श्रीनगर राजमार्ग बंद रहता तो है यात्रा को मुगल रोड़ से भेजने के विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए।

25 जून तक सभी कैंप डायरेक्टर, एडिशनल कैंप डायरेक्टर, डिप्टी कैंप डायरेक्टर अपनी अपनी जगह पहुंच जाएंगे 

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर मरम्मत कार्य, चिकित्सा सुविधाएं, इमरजेंसी आपरेशन सेंटर, पानी, बिजली, एलपीजी, राशन, मोबाइल सेवा समेत अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने कहा कि पच्चीस जून तक यात्रा संबंधी सारे काम पूरे हो जाने चाहिए। यह बताया गया कि 25 जून तक कैंप डायरेक्टर, एडिशनल कैंप डायरेक्टर, डिप्टी कैंप डायरेक्टर अपनी अपनी जगहों पर तैनात हो जाएंगे। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग से कहा कि सूचना विभाग के साथ संपर्क रखे ताकि नियमित तौर पर मौसम की जानकारी राष्ट्रीय मीडिया, टीवी चैनलों पर उपलब्ध करवाई जाती रहे।

विवाद समाप्त होने के बाद लंगर वालों ने बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारी शुरु की

लंगर वालों के प्रवेश के मामले को लेकर उपजे विवाद के समाप्त हो जाने के बाद अब लंगर संगठन बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारी में जुट गए है। लंगर वाले ट्रकों के साथ लंगर पकाने व परोसने वाले सेवादार भी आते है। पंद्रह जून को जम्मू कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से जम्मू दाखिल होने के बाद लंगर वालों के राशन सामग्री व अन्य सामाना के ट्रक 18 जून को जवाहर टनल क्रास करेंगे। बाबा अमरनाथ जी की यात्रा एक जुलाई से शुरू हो रही है जो 46 दिन तक चल कर पंद्रह अगस्त को रक्षा बंधन वाले दिन संपन्न होगी।

पहलगाम और बालटाल रूट से पवित्र गुफा तक एक सौ से अधिक लंगर लगाने के लिए तैयारियां की जा रही है

श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा कि पहलगाम और बालटाल रूट से पवित्र गुफा तक एक सौ से अधिक लंगर लगाने के लिए तैयारियां की जा रही है। बोर्ड के साथ विवाद के निपट जाने के बाद अब राशन की सामग्री के ट्रकों को जम्मू कश्मीर के लिए रवाना किया जाएगा। इस समय तैयारी चल रही है। लंगर लगाने वालों में सेवादारों की भूमिका अहम होती है।

अब तक एक लाख पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया

वहीं दूसरी तरफ अब तक एक लाख पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवा लिया है। यात्रा के आधार शिविरों बालटाल, पहलगाम और अन्य जगहों पर तैयारी शुरू हो चुकी है। यात्रा के दोनों मार्गों पर बर्फ हटाने के कामकाज में तेजी लाई गई है। जिला प्रशासन अनंतनाग और गादंरबल ने कहा है कि पंद्रह जून तक यात्रा मार्गों पर बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया जाए। इस समय यात्रा मार्गों पर मरम्मत कार्य भी चल रहे है। यात्रा पर सुरक्षा को लेकर बैठकें हो चुकी है। यात्रा के प्रबंधों का नियमित तौर पर डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर, संबधित जिला प्रशासन और श्री अमरनाथ जी श्राईन बोर्ड जायजा ले रहे है। सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कुछ दिन बाद यात्रा के दोनों मार्गों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

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