बाजवा बोले- सीएम मान अकाल तख्त पर जाएंगे तो उन्हें अल्कोहल मीटर लगाकर चेक करना होगा

मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को भी बठिंडा दौरे पर हैं। रविवार सुबह सीएम मान जिला लाइब्रेरी में मिशन प्रगति के तहत पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। संवाद के बाद मुख्यमंत्री करेंगे प्रेस को संबोधित करेंगे। इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने बठिंडा को 90 करोड़ के प्रोजेक्टों का तोहफा दिया था।
कांग्रेस विधायक परगट सिंह के खिलाफ आप कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सीएन भगवंत मान ने कहा कि मैं कल बठिंडा में इस पर एक प्रॉपर प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के बयान पर उन्होंने कहा कि कभी वे मनरेगा खत्म करते हैं, कभी वे चंडीगढ़ पर अपना हक जताते हैं। भाजपा साफ तौर पर पंजाब विरोधी है और नफरत की राजनीति करती है।
मनरेगा का काम बंद करके आर्थिक व्यवस्था चौपट कर रही मान सरकार-भूपेश बघेल
कांग्रेस के दिग्गज नेता व पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल रविवार को बठिंडा पहुंचे। बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा स्कीम में बदलाव करके स्कीम बंद करना चाहती है। मोदी सरकार की तर्ज पर ही पंजाब सरकार ने राज्य में मनरेगा का काम बंद करके आर्थिकता चौपट कर दी है। कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा के तहत गरीबों को काम मिलता था, लेकिन अब गरीब लोग काम को तरस रहे हैं।
उनके साथ पहुंचे कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि विधानसभा में नेता विपक्ष के साथ मुख्यमंत्री मान का रवैया ठीक नहीं है, उनको विधानसभा का तजुर्बा नहीं कि कैसे बात करनी है। उन्होंने कहा कि मान आम लोगों के साथ कैसे पेश होते होंगे। पंजाब में युद्ध नशे विरुद्ध तभी कामयाब होगा जब राज्य का मुख्यमंत्री नशा मुक्त होगा। मान ने तो खुद शराब छोड़ी नहीं है। बाजवा ने कहा जब मुख्यमंत्री मान अकाल तख्त पर जाएंगे तो उनको अल्कोहल मीटर लगाकर चेक करना होगा।
बठिंडा को इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सौगात
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को बठिंडा को करीब 90 करोड़ रुपये की लागत वाले अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सौगात दी। उन्होंने दोबारा निर्मित मुल्तानिया रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) को जनता को समर्पित किया और जनता नगर में नए रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर की वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या को स्थायी समाधान देना है।
मुल्तानिया आरओबी के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बठिंडा एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां अंबाला, दिल्ली, सिरसा और बीकानेर की लाइनों के कारण शहर अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ है। इन हिस्सों को जोड़ने में मुल्तानिया ब्रिज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि करीब 35 साल पुराना यह पुल मौजूदा ट्रैफिक दबाव के अनुरूप नहीं था। महज 23 फीट चौड़ाई और संकरी सर्विस रोड के चलते स्कूल वैन, एंबुलेंस, व्यापारिक वाहनों और भारी ट्रकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम में मिट्टी की खारापन समस्या के कारण पुल पर गड्ढे बन जाते थे जिससे कई बार इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ता था। लंबे समय से उठ रही मांगों को देखते हुए सरकार ने पुराने अप्रोच को तोड़कर मौजूदा पिलर्स पर नया पुल बनाने का फैसला किया। नया मुल्तानिया आरओबी 38.08 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है, जिसकी लंबाई एक किलोमीटर से अधिक और चौड़ाई 23 फीट से बढ़ाकर 34.5 फीट की गई है। उन्होंने बताया कि पुल के नीचे की खाली जगह को खेल व मनोरंजन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां वॉकिंग ट्रैक, बॉक्स क्रिकेट, स्केटिंग एरिया, बास्केटबॉल कोर्ट और जिम जैसी सुविधाएं होंगी।
जनता नगर में नया आरओबी मुख्यमंत्री ने कहा कि बठिंडा-फिरोजपुर रेलवे लाइन पर जनता नगर का मौजूदा अंडरब्रिज बेहद संकरा और जोखिम भरा है। बारिश में जलभराव से हालात और गंभीर हो जाते हैं। स्थानीय मांग पर सरकार ने यहां 50.86 करोड़ रुपये की लागत से नए आरओबी को मंजूरी दी है। प्रस्तावित पुल 650 मीटर लंबा और 31 फीट चौड़ा होगा, जबकि सर्विस रोड 18 फीट से बढ़ाकर 33 फीट की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।





