बस भेजने के मुद्दे पर प्रियंका गांधी-यूपी प्रशासन के बीच लेटर वॉर

न्‍यूज डेस्‍क
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच मजदूरों के लिए एक हजार बसें भेजने की मांग को लेकर लेटर वॉर जारी है। पहले सरकार ने बसों की सूची मांगी, इसके बाद अब मंगलवार दस बजे तक बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइवरों के लाइसेस सहित सभी दस्तावेज लखनऊ डीएम ऑफिस में जमा करने को कहा गया है। देर रात प्रियंका गांधी के निजी सचिव की ओर से पत्र जारी कर कहा गया कि यह मांग पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित लगती है।

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जिसके जवाब में यूपी प्रशासन ने दोबार प्रियंका गांधी को पत्र लिख कर 12 बजे तक गाजियाबाद जिलाधिकारी के सामने 500 बसें और 500 बसें नोएडा में जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर को एक्‍पो मार्ट के निकट ग्राउंड पर उपलब्‍ध कराने के लिए कहा है। पत्र में कहा गया है कि गाजियाबाद जिला प्रशासन सभी बसों को रिसीव करेगा और कौशांबी बस अड्डे व साहिबाबाद बस अड्डे से उनका उपयोग करेगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिलाधिकारियों को बसों का परमिट, फिटनेस, इन्‍श्‍योरेंस आदि के अभिलेख व चालक के लाइसेंस व परिचालक के अभिलेख चेक कर बसों का उपयोग तत्‍काल करेंगे।
दरअसल प्रियंका गांधी की तरफ से हजार बस उपलब्ध कराए जाने की सूचना गृह सचिव अवनीश अवस्थी को दिए जाने के बाद गृह सचिव की तरफ से एक और लेटर जारी किया गया। जिसमें लखनऊ के वृंदावन योजना इलाके में सुबह 10 बजे तक 1000 बसों सहित उनके फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइवर के लाइसेंस के साथ लखनऊ के डीएम को सौंपने के लिए कहा गया है।

साथ ही डीएम को प्रियंका गांधी की तरफ से भेजे जाने वाली बसों को लेने के लिए नोडल अधिकारी भी बनाया गया है। यह खत प्रमुख सचिव गृह की तरफ से प्रियंका गांधी के सचिव को भेजा गया है। वहीं अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से भेजे गए पत्र का प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने जवाब भी दे दिया है।
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इसके जवाब में प्रियंका गांधी के निजी सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है की यूपी सरकार ने सभी बसों को दस बजे लखनऊ पहुंचने के लिए बोला था। जवाब में कहा गया है कि खाली बसों को लखनऊ बुलाना राजनीति से प्रेरित है। यह संसाधनों की बर्बादी है, जबकि हजारों लोग नोएडा-गाजियाबाद में फंसे हैं।
पत्र में कहा गया, ‘ऐसी स्थिति में जब हजारों मजदूर सड़कों पर पैदल चल रहे हैं और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर हजारों की भीड़ पंजीकरण केंद्रों पर उमड़ी हुई है, तब 1000 खाली बसों को लखनऊ भेजना न सिर्फ समय और संशाधनों की बर्बादी है बल्कि हद दर्ज की अमानवीयता है और यह एक घोर गरीब विरोधी मानसिकता की उपज है।’
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पत्र में कहा गया, ‘आपकी सरकार की यह मांग पूरी तरह से राजनीति से प्ररित लगती है. ऐसा लगता नहीं है कि आपकी सरकार विपदा के मारे हमारे उत्तर प्रदेश के श्रमिक भाई-बहनों की मदद करना चाहती है। हम अपनी बात पर अडिग हैं और संकट में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
आइए जानते हैं इस मामले में अब तक क्या क्या हुआ :
16 मई : प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह के पत्र के मुताबिक प्रियंका गांधी ने गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर से 500 और नोएडा बॉर्डर से 500 बसें चला कर लाॅकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों को उनके गन्तव्य तक पहुंचाने की अनुमति मांगी थी।

आदरणीय मुख्यमंत्री जी, मैं आपसे निवेदन कर रही हूँ, ये राजनीति का वक्त नहीं है। हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई बहन बिना खाये पिये, पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं। हमें इनकी मदद करने दीजिए। हमारी बसों को परमीशन दीजिए। pic.twitter.com/K2ldjDaSRd
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 17, 2020

18 मई : अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की तरफ से एक पत्र जारी किया गया जिसमें कहा गया प्रवासी मजदूरों के संबंध में आप के प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है। अतः अविलंब 1000 बसों की सूची चालक परिचालक का नाम व अन्य विवरण सहित उपलब्ध कराने का कष्ट करें। जिससे इनका उपयोग प्रवासी श्रमिकों की सेवा में किया जा सके।
18 मई : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को एक हजार बसों की सूची ई मेल कर दी। इसी के साथ संदीप सिंह ने कहा कि हम कल बसों को दोबारा बॉर्डर पर चलने के लिए तैयार कर देंगे। 1000 बसों की सूची इस ईमेल के साथ अटैच की गई है। इनमें से कुछ चालको का दोबारा वेरिफिकेशन कर उनकी सूची भी कुछ घंटों में आप तक पहुंचाई जाएगी। आशा है जल्द से जल्द इन बसों के लिए अनुमति पत्र उपलब्ध करा देंगे। इन बसों का कल ही संचालन चालू करवा देंगे और इन बसों के रूट की पूरी जानकारी और समय सारणी जनसाधारण को उपलब्ध करा देंगे।
प्रियंका गांधी ने दिया धन्यवाद :
कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए कांग्रेस के एक हजार बस चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने सीएम को टैग करते हुए ट्वीट किया है कि महामारी के समय इंसान की जिंदगी को बचाना, गरीबों की रक्षा करना, उनकी गरिमा की हिफाजत करना हमारा नैतिक दायित्व और अधिकार है। कांग्रेस इस कठिन समय में अपनी पूरी क्षमता और सेवाव्रत के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है। ये बसें हमारी सेवा का विस्तार हैं। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पैदल चलते हुए हजारों भाई-बहनों की मदद करने के लिए, कांग्रेस के खर्चे पर 1000 बसों को चलवाने की इजाजत देने के लिए आपको धन्यवाद…। आपको उप्र कांग्रेस की तरफ से मैं आश्वस्त करती हूं कि हम सकारात्मक भाव से महामारी और उसके चलते लॉकडाउन की वजह से पीड़ित उत्तर प्रदेश के अपने भाई-बहनों के साथ इस संकट का सामना करने के लिए खड़े रहेंगे।

.@myogiadityanath जी महामारी के समय इंसान की जिंदगी को बचाना, गरीबों की रक्षा करना, उनकी गरिमा की हिफाजत करना हमारा नैतिक दायित्व और अधिकार है।
कांग्रेस इस कठिन समय में अपनी पूरी क्षमता और सेवाव्रत के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रही है।
ये बसें हमारी सेवा का विस्तार हैं। 1/3
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 18, 2020

प्रवासी मजदूरों की भारी संख्या घर जाने के लिए गाजियाबाद के रामलीला मैदान में जुटी है। यूपी सरकार से कोई व्यवस्था ढंग से नहीं हो पाती। यदि एक महीने पहले इसी व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाता तो श्रमिकों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
कल हमने 1000 बसों का सहयोग देने की ..1/2 pic.twitter.com/06N47gg94T
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 18, 2020

18 मई : अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से प्रियंका के निजी सचिव को चिट्ठी लिख कर कांग्रेस द्वारा भेजी जाने वाली एक हजार बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र और ड्राइवरों का पूरा ब्योरा मांगा। उन्होंने लिखा कि कृपया समस्त बसों सहित उनका फिटनेस सर्टिफिकेट एवं चालक के ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही साथ परिचालक का पूर्ण विवरण मंगलवार सुबह 9 बजे वृंदावन योजना सेक्टर 15-16 में जिलाधिकारी लखनऊ को उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
19 मई : प्रियंका गांधी ने निजी सचिव ने रात 2 बजे एक पत्र लिख जवाब दिया कि आपने 1000 बस तमाम दस्तावेजों सहित लखनऊ में सुबह 10:00 बजे बसें हैंडओवर करने की बात कही है। उन्होंने लिखा कि 1000 खाली बसे लखनऊ भेजना ना सिर्फ समय की बर्बादी और संसाधन की बर्बादी है। उन्होंने लिखा कि आपकी सरकार की यह मांग पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित लगती है।
19 मई : सरकार ने दोपहर 12 बजे तक पांच सौ बस गाजियाबाद और 500 बस गौतमबुद्ध नगर में भेजने को कहा। सरकार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इन बसों को परमिट, ड्राइवर के डीएल आदि के साथ भेजे। वहां मौजूद अधिकारी इनकी जांच करके इनका उपयोग करेंगे।

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